
महाराष्ट्र के ठाणे में स्थित बदलापुर के एक स्कूल में बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ लोगों का गुस्सा उबल पड़ा। भारी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। एक तरफ स्कूल के बाहर प्रदर्शन तो दूसरी ओर लोकल ट्रेनों को रोक दिया गया। लड़कियों के अभिभावकों ने लोगों के साथ स्कूल का घेराव कर प्रदर्शन किया।
बताया गया है कि बदलापुर में नाराज लोगों ने ‘रेल रोको’ और शहर को बंद रखने का आह्वान किया था। इस आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया। रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ जुटी और उन्होंने ट्रैक पर उतरकर रेल रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर जमा हुए लोगों को हटाने की कोशिश की, तो इस दौरान पत्थरबाजी की गई। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
बताया गया है कि इस घटना के सामने आने के बाद स्कूल के प्रबंधन ने प्रिंसिपल और स्टाफ के दो और सदस्यों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, इस घटना के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसआईटी जांच का आदेश दे दिया है। वहीं शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने घटना में पुलिस की सतर्कता को लेकर बयान दिया है।
शिक्षा मंत्री ने आश्वसन देते हुए कहा कि इस घटना पर फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई करेगा। उन्होंने कहा, ‘हमने इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया है। हमने हर स्कूल में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य किया था, लेकिन उन्होंने क्यों नहीं लगाया उस पर भी करवाई करेंगे। आरोपी अक्षय पर पॉक्सो के तहत मामले दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।’
बता दें कि घटना 12-13 अगस्त, 2024 की है, जब सुबह की क्लास में जाने वाली लड़कियां शौचालय का इस्तेमाल करने गई थीं। उसी वक्त आरोपी अक्षय शिंदे ने लड़कियों के शौचालय की सफाई का काम होने का फायदा उठाकर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया। 17 अगस्त को पुलिस ने इस मामले में स्कूल के अटेंडेंट को गिरफ्तार किया था। स्कूल ने लड़कियों के शौचालय के लिए कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं की थी। ऐसे में इस तरह की घटना ने स्कूल प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।




Add comment