
दिल्ली की मेयर शेली ओबेरॉय से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के स्कूलों का प्रबंधन दिल्ली सरकार को सौंपने की मांग की गयी है। यह अनुरोध अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने एक पत्र के माध्यम से किया है। इसमें कहा गया है कि यह कदम एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के सर्वोत्तम हित में होगा।
30 अगस्त को लिखे गए इस पत्र में कहा गया कि “कई वर्षों से यह देखा गया है कि एमसीडी के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है, जिसके कारण माता-पिता अपने बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला दिलाने से बचते हैं। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में सैकड़ों एमसीडी स्कूल बंद हो गए हैं।”
पत्र में बताया गया है कि कैसे एमसीडी के स्कूलों के पांचवीं कक्षा के छात्रों को जब दिल्ली सरकार के स्कूलों में स्थानांतरित किया जाता है, तो उन्हें बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में कठिनाई होती है। वहीं उन छात्रों को कोई परेशानी नहीं होती है जो शुरू से ही दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि माता-पिता भी बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा और बुनियादी ढांचे को देखते हुए दिल्ली सरकार के स्कूलों का चयन कर रहे हैं।
अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने पत्र में जोर देकर कहा, “इसलिए, यह छात्रों के सर्वोत्तम हित में होगा कि सभी एमसीडी स्कूलों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार को हस्तांतरित कर दिया जाए। यदि दिल्ली सरकार एमसीडी स्कूलों का प्रबंधन करती है तो न केवल एकरूपता आएगी बल्कि माता-पिता अपने बच्चों को दिल्ली सरकार के स्कूलों में भेजने में संकोच भी नहीं करेंगे।”
अग्रवाल ने पत्र में कहा, “इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया एमसीडी सदन में एक प्रस्ताव पारित करके दिल्ली के छात्रों के सर्वोत्तम हित में सभी एमसीडी स्कूलों को दिल्ली सरकार को हस्तांतरित करने सहित उचित कदम उठाएं।”
उन्होंने इस तथ्य की ओर भी ध्यान दिलाया कि अतीत में भी एमसीडी के तहत स्कूलों को दिल्ली सरकार को दिया गया है।




Add comment