
ओडिशा में छात्र आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर एक चिंताजनक खुलासा हुआ है। बाकायदा विधानसभा में यह जानकारी दी गई कि 2023 तक तीन वर्षों में छात्रों में आत्महत्या की दर में 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बीजद विधायक ध्रुबा चरण साहू के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा को सूचित किया कि छात्रों में आत्महत्या के मामलों की संख्या 2021, 2022 और 2023 में लगातार बढ़ती जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि छात्रों में आत्महत्या के मामलों की संख्या 2021 में 119 से बढ़कर 2022 में 173 हो गई और फिर 2023 में 189 हो गई। इस अवधि के दौरान राज्य में छात्राओं के मुकाबले छात्रों में ऐसे मामले अधिक देखे गए हैं। तीन वर्षों में कुल मिलाकर 218 लड़कों ने आत्महत्या की, जबकि छात्राओं के लिए यह संख्या 263 थी। राज्य में 2021 से तीन वर्षों में कुल 17,778 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में 5,649, 2022 में 6,140 और 2023 में 5,989 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए।
गौरतलब है कि अभी हाल ही में देश में छात्रों की आत्महत्या को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। नई रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में छात्रों की आत्महत्या की दर चिंताजनक दर से बढ़ रही है और यह जनसंख्या वृद्धि की दर से भी ज्यादा हो गई है। यही नहीं, छात्रों की आत्महत्या दर कुल आत्महत्या की दर से भी ज्यादा हो गई है। भारत में समग्र आत्महत्या दर में सालाना 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छात्रों की आत्महत्या दर 4 प्रतिशत बढ़ गई है। यानी छात्रों की आत्महत्या दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है।




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