
एडटेक स्टार्टअप Byju’s के बढ़ते संकट के बीच इसके ऑडिट फर्म BDO ने भी ऑडिटर का पद छोड़ दिया है। BDO ने 17 जुलाई को फोरेंसिक ऑडिट के अनुरोध के बाद अपनी भूमिका से इस्तीफा दे दिया। उसे जून 2023 में 5 साल के लिए Byju’s का ऑडिटर नियुक्त किया गया था लेकिन उससे पहले ही उसने अपना रास्ता अलग कर लिया। एडटेक कंपनी Byju’s की दिवालिया कार्यवाही शुरू करने के ठीक एक दिन बाद BDO का इस्तीफा आया है। ऑडिट फर्म BDO ने पारदर्शिता, फोरेंसिक समीक्षा करने में देरी और चल रहे मुकदमे के कारण कंसोलिडेटेड फाइेंशियल डिटेल्स पूरा करने में कंपनी की असमर्थता के मुद्दों का हवाला दिया है।
खबर के मुताबिर ये चिंताएं इतनी महत्वपूर्ण थीं कि BDO को 45-दिन की वैधानिक अवधि के भीतर इस्तीफा देना पड़ा। इसके अलावा, BDO ने बायजू की अपनी सब्सिडियरी कंपनियों पर कंट्रोल खोने की बात कही थी, जिससे ऑडिटिंग प्रक्रिया और कठिन हो गई। ऑडिट चिंताओं का परिणाम फॉर्म ADT 4 दाखिल करना था, जो Byju’s में संभावित धोखाधड़ी गतिविधि की पहचान का संकेत देता है। BDO ने चल रहे कानूनी विवादों का भी हवाला दिया, जिससे कंपनी के लिए आवश्यक वित्तीय खुलासे करना मुश्किल हो गया।
BDO के जाने के जवाब में, Byju’s के सीईओ बायजू रवींद्रन ने ऑडिटिंग फर्म के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। रवींद्रन ने BDO पर ब्लैकमेल करने की रणनीति और अनुचित दबाव डालने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि फर्म ने कंपनी को कारोबारी रिपोर्ट को पिछली तारीख में बदलने के लिए मजबूर करने का प्रयास किया। एक ऐसा अनुरोध जो उनके अनुसार कानूनी और नैतिक सीमाओं का उल्लंघन करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि Byju’s ने BDO की अधिकांश मांगों को माना है, लेकिन उसने उन कामों पर सीमा निर्धारित की जो उसकी ईमानदारी से समझौता करते हैं।




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