
हाल ही में एक फिल्म आई थी ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ यानी (GOAT)। इस फिल्म में अभिनेता विजयकांत को दिखाया गया था। लेकिन हैरत की बात यह थी कि अभिनेता और राजेनता विजयकांत को इस फिल्म में उनके दिवंगत होने के बाद दिखाया गया। आखिर कैसे? एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) तकनीक का इस्तेमाल कर। यह हिंदी सिनेमा में अपने आप में एक नई तरह का प्रयोग था जो पहली बार हुआ। दिवंगत अभिनेता विजयकांत एआई तकनीक के सहारे परदे पर नजर आने वाले पहले भारतीय अभिनेता बन गए। उनका यह एआई अवतार लोगों को पसंद भी आया।
फिल्म ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ में दिवंगत एक्टर व पॉलिटीशियन विजयकांत की झलक दिखने के लिए एआई तकनीक का सहारा लिया गया, तो इसने दूसरे फिल्मकारों को भी इस तकनीक के ज़रिये परदे पर नया भाव रचने को प्रेरित किया है। वैसे संगीत में एआई का प्रयोग साउथ सिनेमा में फिल्म ‘लाल सलाम’ से शुरू हो चुका है। संगीत निर्देशक एआर रहमान ने इस फिल्म मे दो दिवंगत गायकों की आवाजों में नए गाने रचने में किया है। लेकिन एआई का प्रयोग आने वाले दिनों में फिल्म निर्माण में बहुत तेजी से आगे बढ़ने वाला है। किसी कलाकार के अलग-अलग टेक्स में दिए गए भावों को मिलाकर निर्देशक अब कलाकार का नया भाव परदे पर रचने लगे हैं। ये प्रयोग काफी सफल रहा है। इसके अलावा कहानी की सफलता का प्रतिशत बताने, कहानी के अनुसार लोकेशन सुझाने और दर्शकों की रुचि के अनुसार फिल्म का ट्रेलर बनाने में भी एआई का प्रयोग होने लगा है। सम्भावना जताई जा रही है कि आगे यह और परवान चढ़ने वाला है।
कह सकते हैं कि एआई का जूनून भारतीय सिनेमा के सिर चढ़कर बोलने वाला है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि भारतीय सिनेमा के मौजूदा नामचीन अभिनेताओं की पहली कतार में शामिल तमिल अभिनेता कमल हासन ने अमेरिका के एक मशहूर कॉलेज में दाखिला लिया है और वहां वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई का कोर्स करने गए हैं। कमल हासन समय के साथ खुद को बदलते रहने वाले निर्माता, निर्देशक और अभिनेता रहे हैं और उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में एआई सिनेमा को बहुत आगे ले जा सकता है।
कमल हासन बचपन से ही अभिनय कर रहे हैं। उनकी शोहरत हिंदी, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा के अलावा बंगाली फिल्मों तक कैमरे के सामने अपना असर दिखा चुकी है। अपनी पिछली फिल्म ‘इंडियन 2’ में हुई गलतियां अगली किसी फिल्म में वह न दोहराएं, इसके लिए उन्होंने 69 साल की उम्र में फिर से कॉलेज जाने का फैसला किया है। इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई का कोर्स करने।
अगर आपने फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ देखी है तो इस फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखा उनका रूप संकेत देता है कि इसकी सीक्वल में उनका किरदार काफी बड़ा होने वाला है। इस फिल्म में उनका बाकी जगह दिखा रूप एआई से बना है। इसी फिल्म में अमिताभ बच्चन के युवा अवतार को बनाने में भी निर्देशक नाग अश्विन ने एआई की मदद ली।
जानकारी के मुताबिक कमल हासन ने जिस कोर्स में प्रवेश लिया है, वह एआई का 90 दिनों का क्रैश कोर्स है। उनकी व्यस्तता हाल फिलहाल के दिनों में काफी बढ़ी है और फिल्म ‘विक्रम’ के बाद से साउथ सिनेमा में उनकी एक्शन फिल्मों की मांग भी खूब हो रही है, लिहाजा उनके करीबी सूत्र बताते हैं कि कमल हासन की निर्माणाधीन फिल्मों में एआई का खूब प्रयोग होने वाला है और कमल हासन विज्ञान की इस नई करवट को खुद वहां जाकर सीखने के लंबे समय से इच्छुक रहे हैं, जहां से इसकी शुरुआत हुई।




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