
पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच गतिरोध जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से मिलने स्वास्थ्य भवन पहुंचीं। डीजीपी राजीव कुमार के साथ ममता बनर्जी दोपहर करीब एक बजे सेक्टर 5 स्थित प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया। इस दौरान साल्ट लेक में स्वास्थ्य भवन के बाहर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने हमें न्याय चाहिए के नारे लगाए। नारेबाजी के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि वह यहां दीदी के तौर पर डॉक्टरों से मिलने आई हैं। जूनियर डॉक्टरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा वह उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएंगी, क्योंकि वह लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने में विश्वास नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि, बंगाल उत्तर प्रदेश नहीं है।
ममता बनर्जी ने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों पर गौर करेंगी और कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने आगे कहा, मैं यहां आपसे मुख्यमंत्री नहीं बल्कि दीदी के तौर पर मिलने आई हूं। मैं खुद छात्र आंदोलन करके आगे आई हूं, मैंने अपने जीवन में भी बहुत संघर्ष किया है, मैं आपके संघर्ष को समझती हूं। मुझे मेरे पद की चिंता नहीं है। कल रात भर बारिश हुई आप यहां विरोध पर बैठे थे, मैं रात भर परेशान रही।
बता दें कि बता दें कि बीत कई दिनों से सीएम बनर्जी और धरने पर बैठे डॉक्टरों के बीच मीटिंग नहीं हो पा रही थी। गुरुवार को डॉक्टरों का एक दल बैठक के लिए नबन्ना पहुंचा था, लेकिन यह बैठक नहीं हो पाई थी। ममता बनर्जी ने बताया कि उन्होंने जूनियर डॉक्टरों से मिलने के लिए दो घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वे बैठक स्थल पर नहीं आए। इसके बाद कहा कि वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, आपकी मांगों को आपसे सुनने के बाद मैं उसका अध्ययन करूंगी। मैं अकेले सरकार नहीं चलाती, मैं आपकी मांगों का वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अध्ययन कर समाधान ज़रूर निकालूंगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसे सज़ा ज़रूर मिलेगी। मैं आपसे थोड़ा समय मांग रही हूं। आपके(विरोध कर रहे डॉक्टरों के) खिलाफ राज्य सरकार कोई एक्शन नहीं लेगी। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप काम पर वापस लौंटे। अस्पताल के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा से जुड़े सभी काम शुरू कर दिए गए हैं और आगे भी किए जाएंगे। जब सीपीआईएम सत्ता में थी तब मैं 26 दिनों के लिए भूख हड़ताल पर थी। यह मेरा आखिरी प्रयास है और मैं आपसे वादा करती हूं कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा।
ममता बनर्जी के संबोधन के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वे अधिकारियों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, हम अपनी पांच मांगों को लेकर सरकार से किसी भी चर्चा के लिए तैयार हैं। यह कोई अनुचित मांग नहीं है।




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