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दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की दौड़ में दिल्ली-एमपी के दो स्कूल शामिल

साल 2024 के ‘वर्ल्ड बेस्ट स्कूल’ यानी इस साल के विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों के लिए दिल्ली और मध्य प्रदेश के दो इनोवेटिव स्कूलों ने फाइनल में जगह बनाने में सफलता हासिल की है। इनमें दिल्ली के वसंत कुंज का रयान इंटरनेशनल स्कूल और  मध्यप्रदेश के रतलाम के सीएम राइज स्कूल विनोबा शामिल हैं। पुरस्कार जीतने के लिए ये दोनों स्कूल अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह पुरस्कार एक्सेंचर, अमेरिकन एक्सप्रेस और लेमन फाउंडेशन के सहयोग से लंदन के ‘टी4 एजुकेशन’ द्वारा स्थापित किया गया है, जिसमें विजेताओं के साथ 50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि शेयर की जाती है। 

रयान इंटरनेशनल स्कूल, एक स्वतंत्र किंडरगार्टन से लेकर माध्यमिक विद्यालय, हाइड्रोपोनिक्स और बायोगैस संयंत्रों जैसी परियोजनाओं के माध्यम से पानी की कमी और प्रदूषण से निपटने के लिए “पर्यावरण कार्रवाई” के लिए विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार की दौड़ में है।

सीएम राइज़ स्कूल विनोबा, एक राज्य किंडरगार्टन से लेकर माध्यमिक विद्यालय, सार्वजनिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों के लिए “नवाचार” श्रेणी में एक फाइनलिस्ट है, जिसे मूल रूप से एक शहरी झुग्गी समुदाय में औपचारिक शिक्षा को अपनाने में संकोच करने वाली आदिवासी लड़कियों के लिए स्थापित किया गया था।

50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि पांचों पुरस्कारों के विजेताओं के बीच समान रूप से साझा की जाएगी, जिसमें प्रत्येक को 10,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिलेगा। विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों के सभी विजेताओं और फाइनलिस्टों को 23-24 नवंबर को दुबई में होने वाले विश्व स्कूल शिखर सम्मेलन में भी आमंत्रित किया जाएगा। 

एक्सेंचर के मैनेजिंग डायरेक्टर (वैश्विक कॉरपोरेट नागरिकता) जिल हंटले ने कहा, “एनवायरमेंटल एक्शन 2024 के लिए दुनिया के बेस्ट स्कूल पुरस्कार के लिए फाइनल में जगह बनाने वाले टॉप स्कूलों में शामिल रयान इंटरनेशनल स्कूल को बधाई। अपने प्रयासों के माध्यम से आप हमारी धरती के भविष्य के प्रति उम्मीद बंधाते हैं।”

‘टी4 एजुकेशन’ और ‘वर्ल्ड बेस्ट स्कूल’ पुरस्कार के संस्थापक विकास पोटा ने कहा कि जब तक दुनिया क्विक एक्शन नहीं करती, तब तक यह 2030 तक सार्वभौमिक और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने के ‘संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य’ को पूरा नहीं कर सकेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक शिक्षा संकट बहुआयामी है और इसका समाधान होना ही चाहिए। 

Asmita Sarkar

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