Edinbox Hindi

पीआईएमआर में नए शैक्षणिक सत्र की हुई शुरुआत, छात्रों से सहयोगी शिक्षा को अपनाने का आह्वान 

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित प्रेस्टिज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पीआईएमआर) में एमबीए, पीजीडीबीए, और पीजीडीएम के नव प्रवेशित लगभग 1,000 छात्रों के  नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत आज 31वें दीक्षारंभ समारोह के साथ हुई। इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योग जगत के नेताओं और सांसदों की उपस्थिति रही, जिन्होंने नए छात्रों के साथ महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

अपने उद्बोधन में सांसद और आईआईटी के पूर्व छात्र शशांक मणि त्रिपाठी ने छात्रों से सहयोगी शिक्षा और उद्देश्यपूर्ण उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया। त्रिपाठी ने कहा, सीखना अकेली यात्रा नहीं है; यह एक साझा प्रक्रिया है जिसमें आप अपने साथियों से उतना ही सीखते हैं जितना कि किताबों से। उन्होंने व्यवसाय में ग्राहक-केंद्रितता के महत्व पर जोर देते हुए कहा, आपके ग्राहक भगवान के समान हैं – उन्हें जुनून और उद्देश्य के साथ सेवा दें। उन्होंने उद्यमिता की तुलना मैराथन दौड़ से करते हुए छात्रों को दीर्घकालिक सफलता, नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। समाजिक उद्यमिता में उनके योगदान के लिए उन्हें पीआईएमआर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया।

नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति और पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने छात्रों को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के खतरों से आगाह करते हुए इसे अभिशाप बताया, जो युवाओं में डिजिटल डिमेंशिया का कारण बनता है। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया का उपयोग अकादमिक विकास के लिए करने के बजाय इसे एक विकर्षण के रूप में न इस्तेमाल करने की सलाह दी। डॉ. सिंह को शिक्षा और सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए पीआईएमआर लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया।

प्रेस्टिज यूनिवर्सिटी के चांसलर तथा प्रेस्टिज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमेन डॉ. डेविश जैन ने छात्रों को अपने भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण रखने और चुनौतियों को विकास के अवसर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. जैन ने कहा, प्रबंधन केवल व्यवसाय चलाने के बारे में नहीं है – यह एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के बारे में है। उन्होंने मूल्य-आधारित निर्णय लेने और ऐसे संबंध बनाने के महत्व पर जोर दिया जो दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ें।

नवीकरणीय ऊर्जा प्रचार संघ के अध्यक्ष प्रो. ए. गोपालकृष्ण अय्यर ने छात्रों से नवाचार के साथ सोचने और समाज और ग्रह के लाभ के लिए कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को चुनौती दी कि वे अपनी गर्भ से समाधि तक की यात्रा को न केवल अपने लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए अर्थपूर्ण बनाएं।

आईआईएम अहमदाबाद की पूर्व डीन और फ्लेम यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति प्रो. इंदिरा पारेख ने प्रबंधन में उत्कृष्टता विषय पर अपने विचार साझे किये। उन्हें शिक्षा और नेतृत्व में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआईएमआर एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रारम्भ में पीआईएमआर के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. एस. भाकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की 31 साल की प्रभावशाली यात्रा पर प्रकाश डाला।

 कार्यक्रम के दौरान संस्थान के बहुप्रतीक्षित वार्षिक मंथन महोत्सव और आगामी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के पोस्टर भी जारी किए गए। दीक्षारंभ समारोह ने छात्रों को उद्देश्य, प्रेरणा और उनकी अकादमिक और पेशेवर यात्राओं के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान की, जिससे पीआईएमआर में एक और महत्वपूर्ण वर्ष की नींव रखी गई।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed