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जामिया स्कूल के छात्रों को IIT मद्रास के साथ पढ़ने का मौका, 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए नए कॅरियर विकल्पों की राह

जामिया मिलिया इस्लामिया के जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने अपने छात्रों को उच्च शिक्षा और कॅरियर के बदलते विकल्पों से परिचित कराने के लिए आईआईटी मद्रास के School Connect Programme के साथ साझेदारी की है। इस पहल के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ विभिन्न विषयों में ऑनलाइन पाठ्यक्रम करने का अवसर मिलेगा।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल पारंपरिक शैक्षणिक विषयों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीक, कंप्यूटिंग, डिजाइन, प्रबंधन, मानविकी और विज्ञान से जुड़े ऐसे क्षेत्रों से परिचित कराना है, जिनमें आगे उच्च शिक्षा और कॅरियर के अवसर मौजूद हैं।

9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए अवसर

आईआईटी मद्रास के स्कूल कनेक्ट कार्यक्रम में जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। ऑनलाइन माध्यम से संचालित होने वाले पाठ्यक्रम छात्रों को स्कूली शिक्षा से आगे विभिन्न विषयों की शुरुआती समझ विकसित करने में मदद करेंगे।

इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत नए और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। इससे वे अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की योजनाओं के आधार पर उच्च शिक्षा के विकल्पों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

आठ सप्ताह के ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम

School Connect Programme के तहत आठ सप्ताह की अवधि वाले ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। इनका उद्देश्य स्कूली छात्रों को अलग-अलग विषयों से परिचित कराना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए शुरुआती आधार देना है।

पाठ्यक्रमों में गणित और विज्ञान, इंजीनियरिंग, कंप्यूटिंग, मानविकी और प्रबंधन जैसे व्यापक क्षेत्र शामिल हैं। ऑनलाइन होने के कारण विद्यार्थी स्कूल की पढ़ाई के साथ इन पाठ्यक्रमों को पूरा कर सकते हैं।

डेटा साइंस से फोरेंसिक साइंस तक कई विषय

कार्यक्रम में छात्रों को कई ऐसे विषयों से परिचित कराया जाएगा, जो आज उच्च शिक्षा और रोजगार के लिहाज से तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं। इनमें डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, अर्थशास्त्र और वित्त, कानून, डिजिटल मानविकी, पारिस्थितिकी तथा फोरेंसिक साइंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इन पाठ्यक्रमों से छात्रों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि किसी नए क्षेत्र में आगे की पढ़ाई के लिए किस तरह की बुनियादी जानकारी और कौशल की जरूरत होती है। इससे 10वीं और 12वीं के बाद विषय चयन को लेकर भी उन्हें अधिक स्पष्टता मिल सकती है।

इंजीनियरिंग, डिजाइन और जैविक विज्ञान की भी जानकारी

कार्यक्रम केवल कंप्यूटर और डेटा से जुड़े विषयों तक सीमित नहीं है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, आर्किटेक्चर और डिजाइन, प्रोडक्ट डिजाइन तथा बायोलॉजिकल सिस्टम जैसे क्षेत्र भी शामिल किए गए हैं।

इस तरह छात्रों को विज्ञान और तकनीक के साथ डिजाइन, वास्तुकला तथा जैविक विज्ञान जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को समझने का अवसर मिलेगा। खासकर उन विद्यार्थियों के लिए यह उपयोगी हो सकता है, जो अभी यह तय नहीं कर पाए हैं कि आगे उन्हें इंजीनियरिंग, डिजाइन, विज्ञान, मानविकी या प्रबंधन में से किस दिशा में जाना है।

असाइनमेंट और परीक्षा पूरी करने पर मिलेगा ई-सर्टिफिकेट

ऑनलाइन पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित असाइनमेंट और परीक्षा में भाग लेना होगा। पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को IIT Madras CODE की ओर से ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

यह प्रमाणपत्र विद्यार्थियों के लिए संबंधित पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रमाण होगा। साथ ही, इससे वे अपनी अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों और सीखी गई नई चीजों को भविष्य में दर्ज कर सकेंगे।

कॅरियर की दिशा तय करने में मिल सकती है मदद

स्कूल स्तर पर छात्रों के सामने अक्सर सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि 10वीं या 12वीं के बाद किस क्षेत्र को चुना जाए। कई बार विद्यार्थी कुछ गिने-चुने पारंपरिक विकल्पों तक ही अपनी जानकारी सीमित रखते हैं। ऐसे में अलग-अलग विषयों से शुरुआती स्तर पर परिचित कराने वाले कार्यक्रम उन्हें अधिक विकल्पों को समझने का अवसर देते हैं।

जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल और आईआईटी मद्रास की यह पहल इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आठ सप्ताह के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थी अपनी रुचि के क्षेत्रों को करीब से समझ सकेंगे और यह जानने की कोशिश कर सकेंगे कि किसी विषय में आगे पढ़ाई और कॅरियर की संभावनाएं क्या हैं।

हालांकि, इन पाठ्यक्रमों को नियमित स्कूली शिक्षा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों से परिचित कराना और उच्च शिक्षा के लिए उनकी समझ को व्यापक बनाना है। सही मायने में इसका लाभ तभी मिलेगा, जब विद्यार्थी पाठ्यक्रमों का चयन अपनी रुचि और भविष्य की शैक्षणिक योजना को ध्यान में रखकर करें।

Raish Ahmed

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