
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) के तहत स्कूलों में अब 10 दिन ‘नो बैग डे’ (No Bag Day) होगा। बच्चे हिस्टोरिकल और टूरिस्ट प्लेसेज की विजिट करेंगे। इस संबंध में सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि स्टूडेंट्स को ‘बैग के बोझ से’ मुक्ति देकर क्लासरूम के बाहर शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
एनईपी का उद्देश्य विद्यार्थियों को रटने व याद रखने की शिक्षा प्रणाली से मुक्त करना है। स्टूडेंट के सर्वांगीण विकास के लिए लॉजिकल-थिंकिंग व एक्सपेरिमेंट-लर्निंग की महती आवश्यकता है। ‘नो बेग डे’ के दौरान स्टूडेंट ऐतिहासिक, पर्यटन, सांस्कृतिक केंद्र व कला दीर्घा की विजिट करेंगे। उन्हें व्यवहारिक जीवन की वास्तविकताओं से रूबरू करवाया जाएगा। स्टूडेंट विजिट की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेंगे और स्वतंत्र तौर पर अवलोकन आधारित शिक्षा व लेखन प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
नो बैग डे के दौरान आयोजित की जाने वाली एक्टिविटी के संबंध में भी पूरे दिशा निर्देश सीबीएसई ने जारी किए हैं। इसके दौरान 108 पेज की पूरी बुक भी स्कूलों को भेजी गई है। इन दिशा-निर्देश पुस्तिका में ‘नो बैग डे’ के उद्देश्यों से लेकर, उद्देश्यों को हासिल करने के लिए किए जाने वाले प्रयास की जानकारी दी गई है। सीबीएसई ने नोटिफिकेशन में यह साफ किया है कि ‘नो बेग डे’ लागू किए जाने पर स्टूडेंट्स में स्कूल आने की संभावना बढ़ेगी। ‘नो बैग डे’ के दौरान उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी सॉइलनटेस्टिंग, वॉटर टेस्टिंग व प्लांट आइडेंटिफिकेशन के दौरान ना सिर्फ विज्ञान को सीखे बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकें।




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