Edinbox Hindi

JNU ने प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को किया बर्खास्त, 11 छात्राओं की शिकायतों के बाद कार्रवाई

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के बाद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वह विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर थे। अकोइजाम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद भी हैं।

विश्वविद्यालय की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों के आधार पर की गई है। समिति ने मामले में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। 

11 छात्राओं ने की थी शिकायत

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रोफेसर के खिलाफ 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार की शिकायतें की थीं। इन शिकायतों की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने की। सितंबर 2026 में यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे थे।

जांच पूरी होने के बाद समिति ने कड़ी सजा की सिफारिश की। इसके आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। हालांकि, शिकायतों में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है। 

कुलपति के हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश

विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित के हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा गया है कि उचित प्रक्रिया का पालन करने, उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।

आदेश में सेवा संबंधी नियमों और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के नियम 11(ix) का उल्लेख किया गया है। इसी प्रावधान के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने 30 सितंबर को इस मामले पर निर्णय की पुष्टि की थी। 

विश्वविद्यालयों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई फिर चर्चा में

इस मामले ने उच्च शिक्षण संस्थानों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच और उन पर समयबद्ध कार्रवाई के महत्व को फिर सामने ला दिया है। विश्वविद्यालयों में ऐसी शिकायतों की जांच निर्धारित नियमों और संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत की जाती है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भी शिकायतों की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित है।

इस मामले में विश्वविद्यालय ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, शिकायतों के निपटारे और जवाबदेही को लेकर चर्चा जारी है। 

Raish Ahmed

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed