
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (डूसू) का चुनाव संपन्न हो गया है लेकिन इसके नतीजे लगभग महीने भर बाद आएंगे। हालांकि नतीजे आज घोषित होने थे, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने नतीजों पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वोटिंग के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों की तोड़फोड़ और उन्हें नुकसान पहुंचाने के मामले की जांच पूरी होने तक काउंटिंग पर रोक लगा दी थी। ऐसे में अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही मतगणना शुरू होगी और फिर नतीजे घोषित किए जाएंगे।
इस मामले पर अब कोर्ट में 21 अक्टूबर को सुनवाई होनी है और ऐसे में कहा जा रहा है कि इसके बाद ही चुनावी नतीजे जारी हो सकते हैं। इसको लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य राजेश झा ने बताया कि कोर्ट पर निर्भर करेगा कि रिजल्ट कब जारी होगा। उन्होंने कहा, “अदालत अब 21 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेगी। उसके बाद ही हम तय कर पाएंगे कि मतगणना कब होगी। संभव है कि मतगणना अदालत की सुनवाई के बाद होगी। हमने नियमों का उल्लंघन करने वाले 90 प्रतिशत होर्डिंग, पोस्टर और बैनर हटा दिए हैं और बाकी को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीदवारों को बैनर हटाने का निर्देश दिया गया है।”
बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में विश्वविद्यालय के उत्तरी और दक्षिणी परिसरों में 1.45 लाख से अधिक छात्रों ने वोट डाले। डूसू के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, 52 कॉलेजों के कुल 1,45,893 छात्रों ने नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चुनाव के लिए वोट डाले। चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उत्तरी और दक्षिणी परिसरों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस कर्मियों को मोटरसाइकिलों पर परिसर में गश्त करते देखा गया।
इस बार डूसू चुनाव में ABVP और NSUI उम्मीदवारों के बीच कांटे की लड़ाई देखने को मिली है। डूसू में ABVP पिछले 10 साल से काबिज है। पिछले साल भी ABVP ने अध्यक्ष पद समेत तीनों पोस्ट पर कब्जा जमाया था। वहीं वाइस प्रेजिडेंट की पोस्ट NSUI के खाते में गई थी। इस बार के चुनाव में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के बीच पहली बार गठबंधन हुआ है।
इस बार के चुनाव में खड़े हुए उम्मीदवारों की बात करें तो कुल 21 कैंडिडेट्स चुनाव लड़ रहे थे जिसमें अध्यक्ष के लिए आठ, उपाध्यक्ष के लिए पांच और सचिव और संयुक्त सचिव के लिए चार-चार उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। डूसू चुनाव के लिए कुल 52 कालेजों व विभागों में वोट डाले गए।




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