हरियाणा सरकार एक साल के भीतर करीब 700 जर्जर सरकारी स्कूलों की इमारतों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कराने की योजना बना रही है। इसके साथ ही राज्य के 719 मॉडल स्कूलों में कम से कम 10 कंप्यूटर वाली लैब स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इन योजनाओं पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
हरियाणा सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और छात्रों को डिजिटल शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया तेज करने, इमारतों की गुणवत्ता बनाए रखने और नए स्कूल भवनों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में स्वैच्छिक शिक्षण व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत सेवानिवृत्त शिक्षकों, पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों और अन्य पात्र लोगों को पढ़ाने के लिए स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाएगा।
719 मॉडल स्कूलों में बनेंगी कंप्यूटर लैब
हरियाणा में कुल 14,297 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 719 मॉडल स्कूल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चालू वर्ष के भीतर हर मॉडल स्कूल में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) लैब स्थापित की जाए। प्रत्येक लैब में कम से कम 10 कंप्यूटर होने चाहिए।
कंप्यूटर और अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया तेज करने की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (HARTRON) को दी गई है।
राज्य के मॉडल स्कूलों में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र (CM-EEE), पीएम श्री स्कूल और राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। कंप्यूटर लैब बनने से विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर आधारित पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
स्कूलों में सुधार के लिए हर जिले को मिलेंगे 1 करोड़ रुपये
सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य के वित्त विभाग को प्रत्येक जिले के लिए 1 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन पैसों से स्कूलों में जरूरी सुधार कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक विशेष पोर्टल बनाया जाएगा। अधिकारी हर महीने काम की समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री हर तीन महीने में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और उन स्कूलों की पहचान करने को कहा है, जहां पानी तय मानकों के अनुरूप नहीं है।
जलभराव और बिजली की तारों जैसी समस्याओं पर भी ध्यान
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के तहत जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करने और स्कूल भवनों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली की तारों को हटाने पर भी जोर दिया गया है।
इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए खेल सामग्री की खरीद और वितरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वयंसेवक शिक्षक पोर्टल से जुड़ सकेंगे पात्र लोग
हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई में सहयोग के लिए ‘स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल’ शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक, वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थी और अन्य पात्र व्यक्ति स्वैच्छिक शिक्षण के लिए पंजीकरण कर सकेंगे।
आवेदनों की जांच और योग्य स्वयंसेवकों के चयन के लिए जिला स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त करेंगे और इसमें पुलिस उपाधीक्षक (DSP) भी सदस्य होंगे।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य में अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराना है।
शिक्षकों के खाली पदों और बकाया भुगतान की भी समीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षकों के खाली पदों, सफाई कर्मचारियों के ठेकों, गैर-शिक्षण कार्यों के लिए अलग कैडर बनाने के प्रस्ताव और शिक्षकों के लंबित चिकित्सा व यात्रा रियायत (LTC) बिलों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में राज्यव्यापी पौधारोपण अभियान की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत 13,126 स्कूलों के 11.7 लाख विद्यार्थियों और 74,419 शिक्षकों की भागीदारी से 10.4 लाख पौधे लगाए गए हैं।
हरियाणा सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाना, डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाना और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं का वास्तविक असर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय पर बजट जारी होने और स्कूलों में सुविधाओं के प्रभावी इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।




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