देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT बॉम्बे के ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के बीच किए गए एक सर्वे में करियर, नौकरी और कैंपस जीवन से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं। सर्वे में शामिल करीब एक-चौथाई छात्रों ने कहा कि अगर उन्हें अपनी इंजीनियरिंग ब्रांच बदलने का मौका मिलता, तो वे कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) चुनते। बेहतर प्लेसमेंट के अवसर भी ब्रांच बदलने की प्रमुख वजहों में शामिल रहे।
‘Insight Senior Survey 2026’ नाम के इस सर्वे में छात्रों से पढ़ाई, करियर की योजनाओं, परीक्षा में नकल, मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए। हालांकि, इसके नतीजों को समझते समय एक जरूरी बात ध्यान में रखनी चाहिए: 2026 में ग्रेजुएट होने वाले करीब 2,400 छात्रों में से केवल 144 ने ही सर्वे में हिस्सा लिया। यानी कुल बैच के लगभग 6 प्रतिशत छात्रों के जवाब इसमें शामिल हैं। इसलिए इन आंकड़ों को पूरे बैच की राय मानना सही नहीं होगा।
बेहतर प्लेसमेंट के लिए CSE चुनना चाहते हैं छात्र
सर्वे के अनुसार, करीब 25 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि यदि उन्हें अपनी इंजीनियरिंग ब्रांच बदलने का विकल्प मिलता, तो वे कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) चुनते। वहीं, 32.4 प्रतिशत छात्रों ने बेहतर प्लेसमेंट के अवसरों को ब्रांच बदलने की एक वजह बताया।
ये आंकड़े बताते हैं कि इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए ब्रांच का चुनाव केवल पढ़ाई के विषय तक सीमित नहीं है। भविष्य में नौकरी के अवसर और करियर की संभावनाएं भी उनके फैसलों को प्रभावित करती हैं। हालांकि, सर्वे के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि सभी इंजीनियरिंग छात्र कंप्यूटर साइंस को ही प्राथमिकता देते हैं।
24% छात्रों ने परीक्षा या असाइनमेंट में नकल की बात मानी
सर्वे में छात्रों से संस्थान के नियमों और शैक्षणिक ईमानदारी से जुड़े सवाल भी पूछे गए। ज्यादातर छात्रों ने कहा कि उन्होंने परीक्षा या असाइनमेंट में कभी नकल नहीं की। हालांकि, करीब 24 से 25 प्रतिशत छात्रों ने माना कि उन्होंने दबाव या मजबूरी में एक-दो बार नकल की थी।
यह आंकड़ा शैक्षणिक ईमानदारी से जुड़े एक सवाल के जवाब पर आधारित है। इसे सभी छात्रों के व्यवहार का प्रमाण नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब सर्वे में पूरे बैच के केवल एक छोटे हिस्से ने भाग लिया हो।
पांच साल बाद अपने करियर को लेकर असमंजस में छात्र
सर्वे में छात्रों से उनके भविष्य और करियर की दिशा के बारे में भी पूछा गया। करीब 32 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि वे निश्चित नहीं हैं कि अगले पांच साल में भी वे इसी क्षेत्र में काम करेंगे या नहीं। वहीं, 28 प्रतिशत छात्रों ने अपने मौजूदा क्षेत्र से बाहर निकलने की योजना होने की बात कही।
इसके अलावा, करीब 21 प्रतिशत छात्रों ने संकेत दिया कि अगर आर्थिक चिंता उनके फैसले को प्रभावित नहीं करती, तो वे ग्रेजुएशन के बाद उच्च शिक्षा या रिसर्च का विकल्प चुनना पसंद करते।
इन जवाबों से पता चलता है कि प्रतिष्ठित संस्थान से डिग्री हासिल करने के बाद भी छात्रों के सामने करियर की दिशा चुनने, नौकरी और आगे की पढ़ाई को लेकर अलग-अलग विकल्प होते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर क्या कहता है सर्वे?
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और मुश्किल समय में मिलने वाली मदद को लेकर भी सर्वे में सवाल पूछे गए। जवाब देने वाले छात्रों में से 24 ने बताया कि उन्होंने संस्थान की काउंसलिंग सेवाओं का इस्तेमाल किया था। वहीं, 41 छात्रों ने कहा कि उन्हें कभी काउंसलिंग या थेरेपी की जरूरत महसूस नहीं हुई।
इसके अलावा, 33 छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी परेशानियों का सामना करने के लिए दोस्तों और परिवार की मदद ली। वहीं, 25 छात्रों ने कहा कि उन्हें काउंसलिंग लेने की जरूरत महसूस हुई थी, लेकिन उन्होंने इसके लिए पहल नहीं की।
ये आंकड़े बताते हैं कि छात्रों की परेशानियों से निपटने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ संस्थान की काउंसलिंग सेवाओं का सहारा लेते हैं, जबकि कुछ अपने करीबी लोगों से मदद लेते हैं। हालांकि, केवल इन जवाबों के आधार पर पूरे संस्थान के छात्रों की मानसिक स्थिति या काउंसलिंग सेवाओं की प्रभावशीलता का आकलन नहीं किया जा सकता।
केवल 144 छात्रों ने लिया सर्वे में हिस्सा
‘Insight Senior Survey 2026’ का उद्देश्य 2026 में ग्रेजुएट होने वाले IIT बॉम्बे के छात्रों की पढ़ाई, करियर, कैंपस जीवन और व्यक्तिगत अनुभवों को समझना था। इस बैच में करीब 2,400 छात्र थे, लेकिन सर्वे में केवल 144 छात्रों ने जवाब दिए। यह कुल बैच का लगभग 6 प्रतिशत है।
सर्वे से जुड़ी रिपोर्ट में भी संकेत दिया गया है कि इसके नतीजे पूरे ग्रेजुएट बैच के अनुभवों और विचारों को पूरी तरह नहीं दर्शा सकते। इसलिए इसके आंकड़ों को सभी छात्रों की राय के बजाय सर्वे में शामिल छात्रों की प्राथमिकताओं और अनुभवों के संकेत के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
फिर भी, सर्वे में सामने आए जवाब उच्च शिक्षा से जुड़े कुछ अहम सवाल उठाते हैं। इनमें छात्रों की पसंद और उपलब्ध ब्रांच के बीच तालमेल, बेहतर नौकरी की उम्मीदें, करियर को लेकर अनिश्चितता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद लेने जैसे विषय शामिल हैं।




Add comment