
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न विभागों व कॉलेजों में पिछले दो साल से सहायक प्रोफेसरों की स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 53 कॉलेजों में लगभग 4700 पदों पर स्थायी नियुक्तियाँ हुई है। स्थायी हुए शिक्षकों में ज्यादातर वे सहायक प्रोफेसर हैं जो दस-पंद्रह वर्षों से एडहॉक टीचर्स के रूप में पढ़ा रहे थे। स्थायी हुए शिक्षकों का एक साल का प्रोबेशन काल पूर्ण होने पर अब वे अपना प्रमोशन का फॉर्म भर रहे हैं।
जिस तरह से विश्वविद्यालय प्रशासन व डूटा के अथक प्रयासों से सितम्बर 2024 तक 4700 शिक्षक स्थायी हुए हैं, उन शिक्षकों की अब प्रमोशन की प्रक्रिया जोरों पर जारी है। स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज व दयालसिंह कॉलेज में शिक्षकों की पहली प्रमोशन होने पर खुशी का माहौल है। फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ने कॉलेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति व प्रमोशन किए जाने पर डूटा व कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रोफेसर बालाराम पाणी व कुलसचिव डॉ.विकास गुप्ता को बधाई दी है कि जैसे- जैसे शिक्षकों का प्रोबेशन काल पूरा हो रहा है, उनकी प्रमोशन भी की जा रही है ।
फोरम के चेयरमैन डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने पिछले दो साल में जिस जिम्मेदारी के साथ शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की उसी तरह से वह उनकी प्रमोशन के लिए गम्भीर है। इसीलिए डीयू के डिप्टी रजिस्ट्रार (कॉलेजिज) द्वारा कॉलेजों के प्रिंसिपल/डायरेक्टर/संस्थान को सर्कुलर जारी कर कहा है कि कॉलेजों/संस्थानों द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए काफी संख्या में शिक्षकों को दिल्ली विश्वविद्यालय के अपने पिछले कॉलेजों/संस्थानों से सत्यापित वार्षिक निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) दाखिल करने में/प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो वे अपने संबंधित कॉलेज के आइक्यूएसी के पास जमा करना होता है ताकि तदर्थ/अस्थायी/स्थायी संकाय के रूप में दी गई उनकी सेवा के दौरान उनके द्वारा किया गया शिक्षण, सह -पाठ्यचर्या और पाठ्येतर गतिविधियों का आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड किया जा सकें। विश्वविद्यालयका प्रशासन का कहना है कि शिक्षकों के प्रोबेशन काल पूरा होने पर जो शिक्षक प्रमोशन संबंधी सेवा शर्तों को पूरा करते हैं, उनकी प्रमोशन न रोकी जाए। शिक्षकों की प्रमोशन को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय व डूटा गम्भीर है ।
डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि जिन कॉलेजों के शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति को एक साल से अधिक हो गया है, उन्होंने अपना प्रोबेशन काल पूरा कर लिया है। उन कॉलेजों में देशबंधु कॉलेज, हंसराज कॉलेज, हिन्दू कॉलेज, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, रामजस कॉलेज, खालसा कॉलेज, मिरांडा हाउस, इंद्रप्रस्थ कॉलेज, दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, दौलतराम कॉलेज, दयालसिंह कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) रामानुजन कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, रामलाल आनंद कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, भगतसिंह कॉलेज, वेंकटेश्वर कॉलेज आदि के शिक्षक प्रोबेशन काल पूरा होने पर अपनी प्रमोशन का फॉर्म भर रहे हैं। उन्होंने बताया है कि स्थायी हुए शिक्षकों में ज्यादातर वे शिक्षक है जो पिछले एक दशक या अधिक समय से एडहॉक रूप में पढ़ा रहे थे। इन शिक्षकों की स्थायी नियुक्तियाँ ज्यादातर उन्हीं के कॉलेजों में हुई हैं।
डॉ. सुमन ने बताया है कि जिस तरह से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्तियाँ हुई हैं, ठीक उसी प्रकार से पहली प्रमोशन होंगी। बता दें कि पहली प्रमोशन में 2014 के बाद से एडहॉक सर्विस में चार साल का एडहॉक पीरियड जोड़ा जा रहा है। शिक्षक अपनी पहली प्रमोशन को लेकर खुश हैं क्योंकि लंबे समय से स्थायी नियुक्ति व प्रमोशन नहीं हो रहे थे। अब कॉलेजों में प्रमोशन की प्रक्रिया जारी है।




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