
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने वाले 9 प्रदर्शनकारियों को पुलिस हिरासत में भेजने के अलीपुर जिला न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
बता दें कि 9 अक्टूबर को दक्षिण कोलकाता स्थित देशप्रिय पार्क में त्रिधारा सम्मिलनी पूजा से 29 प्रदर्शनकारियों को पुलिस उठा ले गयी थी। बाद में उनमें से 20 को रिहा कर दिया गया जबकि नौ फिलहाल हिरासत में हैं। 10 अक्टूबर को नौ प्रदर्शनकारियों को अलीपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
लेकिन अब इस फैसले को अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति शंपा सरकार की अध्यक्षता वाली एक विशेष पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। यह जानकारी एमबीबीएस डॉक्टर अभिनबा पाल ने दी है।
प्रदर्शनकारियों में जूनियर डॉक्टर भी शामिल थे, जो 31 वर्षीय महिला चिकित्सक अभया के लिए न्याय की मांग को लेकर अपने दस सूत्री एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए पर्चे बांट रहे थे। अभया का 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी।
अभी तक, सात जूनियर डॉक्टर, जिनमें से एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, 5 अक्टूबर से कोलकाता के डोरीना क्रॉसिंग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। यहां तक कि नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टर भी उनके साथ शामिल हो गए हैं। उनका कहना है कि उनकी कई मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं।




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