
अमेरिका में मैनहट्टन पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल पर बच्चों का यौन शोष का आरोप लगाया गया है। उसके खिलाफ अदालत में मुकदमा भी दायर किया गया है। मुकदमे में दावा किया गया है कि प्रिंसिपल हर दिन एक छात्र का यौन शोष करता था। छात्रों को वह बच्चे या राजकुमारी कहकर पुकारता था। प्रिंसिपल की पहचान ब्रेट किमेल के तौर पर की गई है, जो वर्तमान समय में मेरीलैंड में रह रहा है। आरोप लगाया गया है कि प्रिंसिपल ने एक छात्रा पर ओरल सेक्स का दबाव बनाया और उसके 18वें जन्मदिन से ठीक पहले उसके साथ यौन संबंध बनाने का भी प्रयास किया।
अदालत के कागजात में दावा किया गया है कि आरोपी की नजर लड़की पर तब से थी, जब वह वॉशिंगटन हाइट्स एक्सपेडिशनरी लर्निंग स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ती थी। किमेल ने पीड़िता को कई अनुचित संदेश और ईमेल भेजे। आरोपी ने बाद में लड़की से उसकी शर्टलेस सेल्फी भेजने के लिए कहा। पीड़िता ने अप्रैल में प्रिंसिपल और शिक्षा विभाग के खिलाफ मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। अब आरोपी प्रिंसिपल पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, जिसमें दोषी पाए जाने पर उसे 30 साल तक कैद हो सकती है।
अदालत के दस्तावेज में बताया गया कि पीड़िता की बड़ी बहन ने किमेल को इसे लेकर चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसके बाद भी उसने अनुचित संदेश भेजना जारी रखा। लड़की ने बताया कि प्रिंसिपल उसे कार में स्कूल से लेने और छोड़ने भी जाता था और कार में लड़की से यौन शोषण करता था। लड़की ने बताया कि उसके साथ लंबे समय तक यौन शोषन शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण होता रहा। इस घटना के कई साल बाद लड़की ने प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला किया, जिससे भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो।
लड़की की वकील जुलिया कुआन ने कहा कि लड़की ने घटना के दौरान पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, उन्होंने पीड़िता की गोपनीयता के कारण विस्तार से बताने से इंकार कर दिया। अदालत के अनुसार, पीड़िता अनिर्दिष्ट हर्जाने की मांग कर रही है। बता दें कि किमेल वर्तमान समय में फोर्ट लॉडरडेल में एक शिक्षा सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं। वहीं अपने वकील एलन सैश के जरिए कोर्ट में भिजवाए गए जवाब में किमेल ने यौन शोषण के सभी आरोपों से इनकार कर दिया और अनुरोध किया कि मामले को अदालत में खारिज कर दिया जाए।




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