
उत्तर प्रदेश 69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाला का मामला लटकता ही जा रहा है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले सुनवाई नहीं हो पाई। पिछली तारीख 23 सितंबर को भी इस मामले में कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी थी। 15 अक्टूबर को सुनवाई के लिए केस सप्लीमेंट्री लिस्ट में 40 वे नंबर पर लगा था, अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि केस निस्तारण की दिशा में कुछ होगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। एक बार फिर नई तारीख मिल गई। अब इस मामले में सुनवाई के लिए दिवाली के बाद 11 नवंबर की तिथि लगी है। इससे आरक्षित व अनारक्षित दोनों वर्ग के अभ्यर्थी निराश हैं। हालांकि अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि नई तिथि को उनको न्याय मिलेगा।
बता दें की मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में लखनऊ हाईकोर्ट के डबल बेंच के 13 अगस्त के आदेश पर नाै सितंबर को सुनवाई के बाद रोक लगा दी थी। 23 सितंबर को सुनवाई की डेट लगी थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद मामले में अगली तारीख 15 अक्तूबर लगी थी। इससे पहले 13 अगस्त को लखनऊ हाईकोर्ट डबल बेंच के फैसले को अनारक्षित वर्ग के कुछ अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाैती दी थी।
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि मंगलवार को 40वें नंबर पर हमारा केस लगा था। अधिवक्ताओं ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) को केस के संबंध में अवगत कराया, तो उन्होंने अगली डेट पर मामले को सुने जाने को कहा है। सुनवाई नहीं होने से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी हताश और निराश है।
वहीं अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की लड़ाई लड़ रहे विनय पांडेय ने बताया कि 15 अक्तूबर को सुनवाई नहीं हो पाई है। अगली तिथि 11 नवंबर लगी है। फिलहाल 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़ी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सुनवाई न होने से थोड़ी निराशा है। हालांकि अभी भी दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट से न्याय की पूरी उम्मीद है। बता दें कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी काफी समय से धरना, विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।




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