
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) ने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। आगामी वर्ष में जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) मेन्स 2025 के पैटर्न में कुछ नए बदलाव किए जाएंगे। एनटीए ने घोषणा की है कि इस संयुक्त प्रवेश परीक्षा के पेपर के सेक्शन बी में ऑप्शनल क्वेश्चन यानी वैकल्पिक प्रश्न शामिल नहीं होंगे। अब सिर्फ पांच सवाल मिलेंगे, सभी को हल करना अनिवार्य होगा। पहले 10 सवाल मिलते थे, जिसमें से पांच क्वेश्चन हल करने होते थे।
NTA ने अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी कर यह जानकारी दी है। एजेंसी ने कहा कि यह इंजीनियरिंग (बीई/बीटेक, पेपर 1) और आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग (BArch/BPlanning, पेपर 2) दोनों टेस्ट पर लागू होगा। NTA ने कहा, कोविड-19 महामारी के दौरान स्टूडेंट्स पर दबाव कम करने के लिए एग्जाम में ऑप्शनल क्वेश्चन की शुरुआत की गई थी। यह 2021 में शुरू किया गया था और 2024 तक चला। अब अगले साल से इसके पैटर्न में बदलाव कर रहे हैं।
NTA ने आगे कहा कि JEE मेन्स 2025 के पहले फेज के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस जल्द शुरू होगा। इसकी डिटेल वेबसाइट पर जारी की जाएगी। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू होने के बाद एग्जाम पैटर्न के बारे में अधिक जानकारी दी जाएगी।
इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए नेशनल लेवल पर एंट्रेंस एग्जाम JEE मेन्स में तीन पेपर होते हैं। इसमें फिजिक्स कैमिस्ट्री और मैथ्स होता है। तीन घंटे की परीक्षा में कुल 90 क्वेश्चन होते हैं। सभी के 30-30 सवाल होते हैं। पेपर A में हर सब्जेकट में 20 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQs) होते हैं, जबकि पेपर बी में 10 न्यूमेरिकल क्वेश्चन होते हैं। अब नए पैटर्न के तहत सेक्शन बी में 10 से घटकर 5 सवाल होंगे और सभी क्वेश्चन कंपलसरी होंगे।




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