
बीएचयू में कला संकाय के पालि एवं बौद्ध अध्ययन के सीनियर प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह को नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। 52 वर्षीय प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह प्रख्यात कथाकार प्रो. काशीनाथ सिंह के पुत्र हैं। भारत सरकार ने अपने पत्रांक में इसे जारी किया है। ये विश्वविद्यालय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल जून में इस विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन किया था।
प्राचीन ज्ञान और परंपरा को सहेजने वाले इस विश्वविद्यालय में आधुनिक तरीके से अध्ययन कराया जाता है। प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह 2018 से 2022 तक भारतीय दूतावास, टोक्यो में विवेकानन्द भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक रहे। यहां उन्होंने जापान में भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान दिया। इसके अलावा वे पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उन्हें जापान फाउंडेशन फेलोशिप, जापान (2003-04), फुलब्राइट सीनियर रिसर्च फेलोशिप, यूएसए (2011-2012) और वादरायण व्यास राष्ट्रपति पुरस्कार, भारत (2005) अवार्ड दिया गया है। प्रो. सिद्धार्थ उप्साला विश्वविद्यालय, स्वीडन (भारतीय अध्ययन के आई.सी.सी.आर. अध्यक्ष, 2014-2015), कार्लस्टेड विश्वविद्यालय, स्वीडन (धर्मों के इतिहास के संकाय सदस्य 2006 और 2008) और हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन के विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके हैं।
प्रो. सिंह की प्रमुख रुचि का क्षेत्र भारतीय सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति, विश्व धर्म और दर्शन, पालि और संस्कृत साहित्य तथा भारतीय और जापानी बौद्ध धर्म के व्यावहारिक पहलू हैं। महाविहार की कुलसचिव डॉ मीता के अनुसार नव नियुक्त कुलपति बहुत जल्द कार्यभार संभाल सकते हैं।




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