
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में सोमवार की देर रात आयोजित यूनिवर्सिटी गवर्निंग बॉडी मीटिंग (यूजीबीएम) के दौरान भगवान राम के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। वहीं, जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी के सदस्यों ने जेएनयूएसयू पदाधिकारियों पर जातिगत टिप्पणियां कीं।
एबीवीपी के बयान के मुताबिक, यूजीबीएम के दौरान एक वामपंथी सदस्य ने कहा कि “सावरकर और ‘नीच’ राम” एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के रोल मॉडल हैं। एबीवीपी ने जोर देकर कहा कि वे इस तरह के सामुदायिक असंतोष फैलाने की कोशिशों का विरोध करते हैं।
वहीं जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों ने बैठक के दौरान मंच पर कब्जा कर लिया और जेएनयूएसयू के पदाधिकारियों को जातिगत अपशब्द कहे। जेएनयूएसयू का कहना है कि एबीवीपी ने अध्यक्ष धनंजय, उपाध्यक्ष अविजीत घोष और संयुक्त सचिव मो. साजिद के खिलाफ धमकी भी दी।
आरोपों के मुताबिक, खासतौर पर साजिद को धमकी दी गई कि उन्हें “नजीब” बना देंगे। जेएनयूएसयू के मुताबिक, एबीवीपी सदस्यों ने साजिद को धमकी देते हुए कहा, “तुमको भी नजीब बना देंगे”, यह धमकी नजीब अहमद (जेएनयू छात्र जो 2016 में अपने होस्टल से लापता हो गए थे) के संदर्भ में दी गई थी।
यह बैठक इंटर्नल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) के चुनावों में छात्र संघ की भागीदारी पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। जेएनयूएसयू 2017 में समाप्त किए गए जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट (जीएसकैश) की जगह आईसीसी स्थापित करने का विरोध करता रहा है, लेकिन एबीवीपी के विरोध की वजह से बैठक को रात 2.30 बजे स्थगित करना पड़ा।




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