
केंद्र सरकार राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2025 से छात्रों को अनगिनत बार परीक्षा देने का विकल्प खत्म करने जा रही है। अगले साल से छात्र तीन से चार बार ही नीट-यूजी दे सकेंगे। साथ ही जेईई मेन की तरह एक दिन के बजाय परीक्षा कई दिनों तक पालियों में कराई जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) सुधार समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट में यह सिफारिश की है। हालांकि सरकार ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं किया है। अखिल भारतीय प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) के समय अभ्यर्थी तीन बार ही परीक्षा दे सकते थे।
विदित है कि नीट यूजी 2024 परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार की ओर से नीट एग्जाम और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की समीक्षा के लिए इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया था। पैनल ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की सौंप दी है। कमेटी ने नीट परीक्षा को लेकर अपनी रिपोर्ट में कई सिफारिशें की हैं जिनमें नीट-यूजी परीक्षा में छात्रों को अनगिनत बार परीक्षा देने का विकल्प खत्म करना शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, पेन-पेपर से परीक्षा के कारण ही प्रश्नपत्र लीक हुए क्योंकि दूरदराज व ग्रामीण इलाकों में प्रश्नपत्र काफी पहले भेजने पड़ते हैं। समिति का यह भी सुझाव है कि इंजीनियरिंग की जेईई मेन की तर्ज पर मेडिकल दाखिले की नीट-यूजी को हाइब्रिड मोड से कराया जाए। इसमें प्रश्नपत्र छापने का झंझट नहीं रहेगा। डिजिटल मोड से परीक्षा होने से प्रश्नपत्र कुछ समय पहले परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे। ओएमआर शीट पर छात्र उत्तर लिखेंगे। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को सुरक्षित बनाए रखने के लिए डिजिटल मोड से पेपर परीक्षा केंद्र में पहुंचाता है।
बता दें कि अभी तक नीट यूजी परीक्षा जितनी बार चाहे अभ्यर्थी दे सकते हैं। एग्जाम में कोई अटेम्प्ट नहीं तय किया गया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में NEET-UG के लिए प्रयासों की संख्या को सीमित करने का सुझाव दिया क्योंकि वर्तमान में, उम्मीदवार जितनी बार चाहें परीक्षा दे सकते हैं




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