
पश्चिम बंगाल में कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज के आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार शाम को आम लोगों के साथ मिलकर कोलकाता में मशाल जुलूस निकाला। डॉक्टरों ने 9 अगस्त को यहां आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई प्रशिक्षु डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की। पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम और कई नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने साल्ट लेक के सेक्टर 3 में पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के कार्यालय से सेक्टर 1 में सीजीओ कॉम्प्लेक्स में सीबीआई के कार्यालय तक रैली निकाली।
डब्ल्यूबीजेडीएफ ने मांग की कि 4 नवंबर को अगली सुनवाई से पहले सीबीआई को अपनी जांच में तेजी लानी चाहिए। रैली को वरिष्ठ डॉक्टरों के एक वर्ग का भी समर्थन मिला। इस दौरान लोगों ने ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाते हुए मांग की कि सीबीआई बलात्कार-हत्या मामले की अपनी जांच जल्द पूरी करे। आंदोलनकारी डॉक्टरों में से एक ने कहा, “घटना को लगभग तीन महीने हो चुके हैं। सीबीआई अभी भी मामले की जांच कर रही है। हम चाहते हैं कि वे अपनी जांच में तेजी लाएं।”
बता दें कि 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल से एक ऑन-ड्यूटी महिला चिकित्सक का शव बरामद किया गया था, जिसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने पीड़िता के लिए न्याय और राज्य द्वारा संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए पूरे पश्चिम बंगाल में ‘काम बंद’ कर दिया था। जूनियर डॉक्टरों ने 5 अक्टूबर की रात को आमरण अनशन शुरू कर दिया था, क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए 24 घंटे की समय-सीमा नहीं दी थी। उन्होंने 24 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक के कुछ घंटों बाद अपनी भूख हड़ताल वापस ले ली थी।




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