
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वीरनारी चकली इल्मा महिला विश्वविद्यालयम (पूर्व में उस्मानिया यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर विमेन), कोटि की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से लंबित मान्यता के संबंध में तेलंगाना के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को लिखे पत्र में उन्होंने कोटि महिला कॉलेज के लिए यूजीसी से मान्यता की मांग की है।
पत्र में ओवैसी ने कहा कि यूजीसी से मान्यता के बगैर अगर छात्र स्नातक करते हैं, तो इससे उनके करियर की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज को विश्वविद्यालयम (विश्वविद्यालय) के रूप में अपग्रेड करने के लिए तत्कालीन टीआरएस (अब भारत राष्ट्र समिति- बीआरएस) सरकार द्वारा सरकारी आदेश (जीओ) पारित किया गया था, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी और उसके बाद तेलंगाना विश्वविद्यालयों की अनुसूची में संशोधन जैसी कोई अन्य अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि यूजीसी की मान्यता को लेकर छात्रों और कर्मचारियों से उन्हें कई ज्ञापन मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस साल कॉलेज से स्नातकोत्तर (पीजी) बैच यूजीसी मान्यता के बिना प्रमाण पत्र के साथ पास होगा। ओवैसी ने पत्र में कहा, “गैर-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पास होने वाले छात्रों का भविष्य वास्तव में दांव पर है। घोषित विश्वविद्यालय की गैर-मान्यता छात्रों के लिए कई तरह की अक्षमताओं और जोखिमों का कारण बन सकती है।”




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