
फारेंसिक साइंस का इस्तेमाल आपराधिक मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए होती है। इसमें कई डिसिप्लिन शामिल होती है। इसमें साइंस की कई फील्ड जैसे केमिस्ट्री, बायोलॉजी, फिजिक्स, जियोलोजी, साइकोलॉजी, सोशल साइंस, इंजीनियरिंग आदि शामिल होती हैं। किसी आपराधिक मामले में आपने फॉरेंसिक रिपोर्ट का नाम सुना होगा। इसकी मदद से पता लगाया जाता है कि कोई क्राइम किस परिस्थिति में हुआ। मुजरिम का पता लगाने में भी इससे मदद मिलती है। हैंडराइटिंग का मिलान करने में भी फॉरेंसिक एक्सपर्ट मदद करते हैं। फॉरेंसिक साइंटिस्ट किसी जांच के दौरान साक्ष्य जुटाते हैं। ऐसा माना जाता है कि आर्किमिडीज दुनिया के पहले फॉरेंसिक साइंटिस्ट थे।
फॉरेंसिक शब्द लैटिन के forensis से आया है। इसका मतलब होता है फोरम का या उससे पहले का यानी किसी घटना से संबंधित या उससे पहले से जुड़ीं चीजें। आमतौर पर घटना से पहले या उसके तुरंत बाद की परिस्थिति से इसका लेना-देना होता है।
फॉरेंसिक साइंस का स्कोप काफी विस्तृत है। आपको कई सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में जॉब मिल सकती है। इससे आपकी स्किल और जानकारी में बढ़ोतरी होगी। डिग्री पूरी होने के बाद आप खुद का बिजनस भी कर सकते हैं। फॉरेंसिक सर्विस ऑफिस खोल सकते हैं। आपको फॉरेंसिक लैब, जासूसों के कार्यालयों, बैंकों और अन्य सरकारी एवं निजी एजेंसियों में नौकरी मिल सकती है। दुनिया भर में अपराध असीमित होते हैं इसलिए इस फील्ड में काफी मौके हैं।
फॉरेंसिक साइंस में 3 साल की बीएससी, 2 साल की एमएससी या फॉरेंसिक साइंस में पीजी डिप्लोमा कर सकते हैं। फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी और एमफिल भी कर सकते हैं। इसमें स्पेशलाइजेशन के तहत फॉरेंसिक बायोलॉजी, फॉरेंसिक सीरोलॉजी, फॉरेंसिक केमिस्ट्री, फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी, फॉरेंसिक बैलिस्टिक्स, फॉरेंसिक एनटोमोलॉजी और फॉरेंसिक बोटनी का चुनाव कर सकते हैं।
जहाँ तक नौकरी का सवाल है तो इंटेलिजेंस ब्यूरो, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, सेंट्रल गवर्नमेंट फॉरेंसिक साइंसेज लैब, हॉस्पिटल, प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी, लॉ फर्म, पुलिस विभाग, क्वॉलिटी कंट्रोल ब्यूरो, बैंक, यूनिवर्सिटी, डिफेंस/आर्मी आदि में काम करने का मौका मिल सकता है। सरकारी सेक्टर के अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी अच्छी सैलरी मिलती है। इस फील्ड में शुरुआती पैकेज 3 से 4 लाख रुपये रोजाना होता है। अनुभव होने पर 6 लाख से 8 लाख रुपये तक महीना कमा सकते हैं।
जॉब प्रोफाइल में इन्वेस्टिगेटिव अफसर, लीगल काउंसिलर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, फॉरेंसिक साइंटिस्ट, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेटर, टीचर/प्रफेसर, क्राइम रिपोर्टर, फॉरेंसिक इंजीनियर, लॉ कंसल्टेंट, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट शामिल है।
भारत की फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में पंजाबी यूनिवर्सिटी, भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी, मणिपाल यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, लखनऊ यूनिवर्सिटी, गुजरात फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी समेत कई निजी विश्वविद्यालय हैं जहाँ से फॉरेंसिक साइंस में डिग्री ली जा सकती है।




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