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बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक; सरकार से तीन सप्ताह में मांगा जवाब

बिहार में सरकारी शिक्षकों की ट्रांसफर पोस्टिंग पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने सरकार से तबादला नीति को और स्पष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने इसके लिए सरकार को तीन सप्ताह का वक्त दिया है। सरकार की ओर से हलफनामा दायर होने के बाद ही अब इस पर अंतिम फैसला लिया जायेगा। दरअसल औरंगाबाद के शिक्षकों ने सरकार के ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिलहाल ट्रांसफर पोस्टिंग पर स्टे लगा दिया है। 

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने 7 अक्टूबर को शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग को मानते हुए ट्रांसफर पॉलिसी की घोषणा की थी। तबादला पॉलिसी की घोषणा होते ही बिहार के लाखों शिक्षकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई थी। सरकार ने इस घोषणा को शिक्षकों के लिए दुर्गा पूजा का उपहार बताया था। लेकिन अब इसपर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। 

न्यायाधीश प्रभात कुमार सिंह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। शिक्षकों की तरफ से अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार और सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर पेश हुए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने फिलहाल शिक्षकों के ट्रांसफर पर रोक लगा दी और राज्य सरकार से तीन सप्ताह का समय देते हुए कहा कि आप इतने दिन के अंदर स्थिति को स्पष्ट कीजिये। अब सरकार के तरफ से हलफनामा दायर होने के बाद कोर्ट इस पर अंतिम फैसला करेगी। 

वरीय अधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने शिक्षकों को निर्देश दिया था कि वे 22 नवंबर 2024 तक अपने ट्रांसफर/पोस्टिंग के लिए विकल्प दें।  इसके साथ ही सरकार ने यह भी निर्देश दिया था कि इस तय समय सीमा के भीतर अगर शिक्षक विकल्प नहीं देते हैं तो उनका सरकार अपने हिसाब से तबादला करेगी।  उन्होंने कोर्ट को बताया कि विभाग ने पुरुष शिक्षकों को 10 सब डिवीजन और महिला शिक्षकों को 10 पंचायतों का विकल्प दिया था। हालांकि याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार द्वारा मनमाने ढंग से विकल्प देने का आरोप लगाया है। 

पटना उच्च न्यायालय के रोक के आदेश के बाद शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो स्थानांतरण नीति में कुछ बदलाव भी किए जाएंगे। अभी जो शिक्षक जहां हैं, वहीं नियुक्त होंगे। 5 चरण की सक्षमता परीक्षा के बाद उन शिक्षकों का स्थानांतरण होगा। फिलहाल शिक्षक अभी जिस विद्यालय में है, वहीं विशिष्ट शिक्षक के तौर पर योगदान करेंगे। पांच चरण की सक्षमता के बाद शिक्षकों का स्थानांतरण होगा।

Asmita Sarkar

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