Edinbox Hindi

झांसी के राजकीय पुस्तकालय को मिला नेट जीरो प्रमाणन, ये है खासियत

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले ने एक और इतिहास रचा है। यह संभव हुआ है यहां के राजकीय जिला लाइब्रेरी के कारण। बता दें कि इस लाइब्रेरी का निर्माण 10 करोड़ की लागत से केवल 90 दिनों में किया गया था। अब इस स्पेशल लाइब्रेरी को विश्व बैंक की संस्था अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) द्वारा नेट जीरो प्रमाणन मिला है। इस तरह यह राजकीय जिला पुस्तकालय एशिया की पहली बिल्डिंग बन गई है, जिसे नेट जीरो प्रमाणन मिला है। इस बिल्डिंग का पुनर्निर्माण झांसी विकास प्राधिकरण ने किया है। 

झांसी विकास प्राधिकरण ने नेट जीरो प्रमाणन के लिए जून 2024 में आवेदन किया था। अक्टूबर में आईएफसी की टीम ने निरीक्षण कर निर्धारित मानकों की परख की थी। अब अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने कम कार्बन उत्सर्जन करने पर राजकीय जिला पुस्तकालय को ये प्रमाणपत्र दिया है। 

स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 10 करोड़ की लागत से केवल 90 दिनों में इस बिल्डिंग को तैयार किया गया है। पुस्तकालय की ऊर्जा खपत प्रतिवर्ष केवल 30 मेगावाट तय की गई है जबकि सामान्यत यह 150 मेगावाट घंटा होती है। ऊर्जा की आपूर्ति सौर और पवन ऊर्जा से होगी, जिसमें सौर पीवी पैनस और पवन टरबाइन लगाए गए हैं। 

पुस्तकालय में बरसात के पानी के संचयन और ग्रे वाटर रीसाइक्लिंग सिस्टम के जरिये पानी के उपयोग में 29 प्रतिशत कमी हासिल की गई है। झांसी विकास प्राधिकरण ने पुस्तकालय की इमारत में ऊर्जा बचाने के लिए ग्रीन रूफ बनाई है।  इसके माध्यम से बारिश के पानी का भंडारण, कमरों का तापमान कम करने, शोर को रोकने आदि में सहायता मिलेगी। 

पानी के उचित प्रबंधन के लिए वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और रीसाइकिल सिस्टम बनाया गया है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इससे बारिश के पानी को रीसाइकिल कर उपयोग किया जा सकता है। इमारत के तापमान कम रखने के लिए ऑटोक्लेव एरेटेड कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक का इस्तेमाल किया गया है। एएसी ब्लाक बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोकते हैं। 

सन् 1960 में कचहरी चौराहा पर राजकीय जिला पुस्तकालय बना था। इसके बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 10 करोड़ से इस बिल्डिंग को नए रूप में तैयार कराया गया। अगस्त 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल्डिंग का शुभारंभ किया। पुस्तकालय में युवाओं के लिए नि:शुल्क वाईफाई से लेकर 40 हजार से अधिक पुस्तकें तो हैं ही। साथ ही इस बिल्डिंग से कम से कम कार्बन उत्सर्जन हो, इस सोच के साथ भी तैयार करवाया गया है। ऐसे में कम विद्युत खपत से लेकर जल प्रबंधन तक के इंतजाम किए गए हैं।

आईएफसी की टीम ने बिल्डिंग के मानकों की पड़ताल करने के बाद नेट जीरो प्रमाणन जारी कर दिया है। पत्र में लिखा कि ये एशिया की पहली परियोजना है, जिसने नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके 100 प्रतिशत ऊर्जा बचत की है।

 

 

 

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed