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खत्म हुआ स्ट्रीम का झंझट, अब 12वीं पास विद्यार्थी किसी भी संकाय से कर सकेंगे स्नातक

आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम से कक्षा 12वीं करने वाले छात्र अब अपने पसंद के किसी भी यूजी कोर्स यानी स्नातक पाठ्यक्रम में एडमिशन ले सकेंगे। कहने का अर्थ कि आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के स्टूडेंट्स भी साइंस से जुड़े किसी भी कोर्स में एडमिशन लेकर ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर सकते हैं। कला, विज्ञान या कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों का 12वीं कक्षा में संबंधित विषय से पास होना अनिवार्य नहीं रहेगा। 

छात्र सीयूईटी यूजी व संबंधित विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शामिल होकर उसकी मेरिट के आधार पर अपनी पसंद का संकाय चुन सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) की सिफिरिशों के तहत पढ़ाई को फ्लैक्सिबल बनाते हुए ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन को लेकर नए नियमों का मसौदा तैयार कर दिया है। अब तक साइंस स्ट्रीम से पासआउट स्टूडेंट्स आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम के किसी भी कोर्स में ग्रेजुएशन लेवल पर एडमिशन ले सकते थे, लेकिन आर्ट्स स्टूडेंट कॉमर्स या साइंस स्ट्रीम के किसी भी यूजी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबल नहीं थे।  

 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) उच्च शिक्षा में लचीलापन लाने के उद्देश्य से यूजीसी रेगुलेशन-2024 ला रहा है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यूजी और पीजी प्रोग्राम में कई बड़े बदलाव दिखेंगे। यूजीसी अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सिफारिशों के अनुरूप तैयार यूजीसी रेगुलेशन-2024 का मकसद उच्च शिक्षा में जरूरी बदलाव लाना है। इसमें विद्यार्थी को बहुविषयक कोर्स की पढ़ाई का मौका भी मिलेगा। यदि वे अपनी प्रतिभा साबित करते हैं, तो उन्हें कोई भी विषय या डिग्री चुनने का विकल्प मिलेगा। पढ़ाई के दौरान विषय, संस्थान व अध्ययन का तरीका बदलने की भी सुविधा होगी।

नए रेगुलेशन में सभी तरह के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को साल में दो बार दाखिला लेने, डिग्री प्रोगाम कभी भी छोड़ने या पढ़ाई (नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत) दोबारा शुरू करने, किसी भी विषय में कभी भी पढ़ाई का मौका देने का प्रावधान है। पहले सत्र में जुलाई-अगस्त और दूसरे सत्र में जनवरी और फरवरी में दाखिला होगा।

 

Asmita Sarkar

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