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लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का दमदार प्रदर्शन, स्टूडेंट्स के साथ हुई धक्का-मुक्की

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, साथ ही छात्र हितों का हनन करने का भी आरोप लगाया। इस दौरन विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कुछ सदस्यों ने छात्रों के साथ धक्का-मुक्की भी की। वहीं वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई एक्शन नहीं लिया। छात्र यूजी स्टूडेंट्स के एग्जाम पैटर्न में हो रहे बदलाव के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों पर तुगलकी फरमान जारी कर रहा है। एग्जाम के 10 दिन पहले विश्वविद्यालय को याद आया कि उसे एग्जाम पैटर्न में बदलाव करना है।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से रात आठ बजे एक व्हाट्सएप मैसेज डाला जाता है जिसमें कहा गया कि अब सेमेस्टर एग्जाम नए पैटर्न से होगा। अब तीन घंटे की जगह सिर्फ 2 घंटे का ही एग्जाम होगा। छात्रा ने बताया कि एग्जाम के पहले सेक्शन में दो क्वेश्चन पूछे जाएंगे, जिसमें से एक करना होगा, यह क्वेश्चन 15 नंबर का होगा। दूसरे सेक्शन से कुल तीन क्वेश्चन करने होंगे, जो 20-20 नंबर के होंगे। ऐसे में टोटल एग्जाम 75 मार्क्स का ही होगा, लेकिन समय सीमा कम कर दी गई है। ऐसे में एग्जाम में पूछे गए क्वेश्चन के आंसर भी मार्क्स के हिसाब से करना होगा पर विश्वविद्यालय प्रशासन सुनने को तैयार ही नहीं है। बस अपनी मनमानी कर रही है। स्टूडेंट्स को 10 क्वेश्चन में से 8 क्वेश्चन दिए जाएंगे।  

एक छात्रा ने बताया कि कई छात्रों ने शांतिपूर्वक तरीके से एग्जामिनेशन कंट्रोलर से बात की और उनसे पूराने पैटर्न पर एग्जाम कराने की गुजारिश की। इसपर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने यह आश्वासन देकर छात्रों को वापस कर दिया कि दो दिन में कुछ बदलाव करके छात्रों की बातों का मान रखा जाएगा, लेकिन कुछ भी होता नहीं दिखाई दे रहा था। इस वजह से मजबूर होकर इस तरह से प्रदर्शन करना पड़ रहा है। 

वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से प्रॉक्टोरियल बोर्ड से सदस्यों धक्का-मुक्की कर दी। यह झड़प इतनी आक्रोशित थी कि कुछ छात्र नीचे भी गिर गए, लेकिन फिर भी प्रॉक्टोरियल बोर्ड से सदस्य नहीं रूके और छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन में गर्मा-गर्मी हो गई। दूसरी ओर देखा जाए तो विश्वविद्यालय में तैनात खाकी वर्दी भी इस बीच कुछ करती दिखाई नहीं दी। वे पीछे की ओर हाथ बांधे खड़े दिखे। जिसकी वजह से दूसरे छात्रों को आगे आना पड़ा और मामला शांत कराना पड़ा।

Asmita Sarkar

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