
देश में आर्थिक सुधारों के जनक और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात को निधन हो गया। मनमोहन सिंह अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़कर गए हैं, जो उन्हें देश की महान शख्सीयतों में शुमार करती है। मनमोहन सिंह की पहचान एक बुद्धिजीवी, आर्थिक सुधारों के प्रणेता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए जाना जाता है। मनमोहन सिंह की तीन बेटियां उपिंदर सिंह, अमृत सिंह और दमन सिंह हैं। पूर्व पीएम की तीनों बेटियां भी शिक्षा और लेखन जगत में बड़ा नाम हैं।
उपिंदर सिंह
डॉ. मनमोहन सिंह की बेटी उपिंदर सिंह एक जानी-मानी इतिहासकार और अशोका विश्वविद्यालय की डीन हैं। पूर्व में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की प्रमुख भी रह चुकी हैं। उपिंदर सिंह ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज और मॉन्ट्रियल की मैकगिल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। भारत के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व और राजनीतिक विचारों पर उन्होंने रिसर्च की है। उपिंदर सिंह की किताब ‘ए हिस्ट्री ऑफ एंसिएंट एंड अर्ली मीडीवियल इंडिया’ और ‘पॉलिटिकल वॉयलेंस इन एंसिएंट इंडिया’ को खूब तारीफ मिली है। समाज विज्ञान में काम के लिए उन्हें इंफोसिस प्राइज से सम्मानित किया गया है।
अमृत सिंह
डॉ. मनमोहन सिंह की दूसरी बेटी अमृत सिंह एक मशहूर मानवाधिकार वकील हैं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल में प्रैक्टिस ऑफ लॉ की प्रोफेसर हैं। अमृत सिंह रूल ऑफ लॉ इम्पैक्ट लैब की कार्यकारी निदेशक भी हैं। अमृत सिंह ने प्रतिष्ठित येल लॉ स्कूल, ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वैश्विक मानवाधिकार मामलों में अमृत सिंह एक चर्चित नाम हैं। वे यूरोपीय मानवाधिकार अदालत, अफ्रीकन कमीशन ऑन ह्युमन एंड पीपल्स राइट में भी सुनवाई में शामिल हो चुकी हैं। वे गार्जियन और द न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में लेख भी लिखती रहती हैं।
दमन सिंह
दमन सिंह लेखन जगत में सक्रिय हैं और उन्होंने ही मनमोहन सिंह के जीवन पर किताब स्ट्रिक्टली पर्सनल मनमोहन एंड गुरशरण, ए मेमोयर लिखी है। इस किताब में मनमोहन सिंह के निजी जीवन के बारे में काफी जानकारी दी गई है। इसके अलावा दमन सिंह ने द सेक्रेड ग्रोव और नाइन बाइ नाइन भी लिखी हैं।




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