
संगम नगरी प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। महाकुंभ को दिव्य, भव्य और नव्य बनाने में देश के अलग-अलग राज्यों से आये हजारों श्रमिक भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन श्रमिकों के साथ इनके बच्चे भी मेला क्षेत्र में रह रहे हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसका भी इंतजाम इस कुंभ में किया गया है।इन श्रमिकों के बच्चों के लिए मेला क्षेत्र में ही अस्थायी स्कूलों की व्यवस्था की गई है। इन्हें विद्या कुंभ का नाम दिया गया है। इन विद्यालयों में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इन बच्चों के लिए शिव नाडर संस्थान और बेसिक शिक्षा विभाग ने मिलकर स्मार्ट क्लासेस की व्यवस्था की है, जिनमें ऑडियो-विजुअल माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। खास बात यह है कि बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस, किताबें और कॉपी भी मुहैया कराई जा रही हैं।
महाकुंभ के इस विद्या कुंभ स्कूल में 205 से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। यह विद्यालय 9 दिसंबर से शुरू हुआ था, और 26 फरवरी तक इन बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। मेला क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों के लिए यह एक अनूठी पहल है, जो उनके भविष्य को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। जब ये बच्चे अपने-अपने संबंधित स्कूलों में वापस जाएंगे तो कुंभ क्षेत्र में स्थित इन सभी विद्या कुंभ से पढ़ाई का एक सर्टिफिकेट इन बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग देगा।
शिव नाडर संस्थान के सहयोग से यह पहल लगातार बढ़ रही है। बच्चों को शिक्षा देने के लिए यहां 5 शिक्षक और एक प्रधानाचार्य की नियुक्ति की गई है। स्कूल में हिंदी, गणित और अंग्रेजी की तामील की जा रही है। बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र भी चलाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश ही नहीं मध्य प्रदेश, बिहार समेत दूसरे राज्यों से आए बच्चे भी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। इन बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उनके पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा दी जा रही है।
यह पहल 2019 के कुंभ से ही शुरू हुई थी, और अब इसे 2025 के कुंभ में स्मार्ट शिक्षा के रूप में और बेहतर बनाया गया है। इस कदम से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा, और वे अपने संबंधित स्कूलों में लौटकर परीक्षा देने के योग्य होंगे।




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