Edinbox Hindi

देश के सरकारी स्कूलों में 8.4 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली, सैकड़ों स्कूल ऐसे जहां एक भी टीचर नहीं

भारत में शिक्षकों की कमी 08 लाख से अधिक है। कई राज्यों में शिक्षण नौकरियों के लिए 30-50 प्रतिशत तक रिक्तियां मौजूद हैं। शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की संख्या अधिक है, जबकि ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की कमी है और कई पद खाली पड़े हुए हैं। बीते साल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न राज्यों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कुल 08 लाख से अधिक पद खाली हैं, जो प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों पर हैं। 

प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पदों की संख्या ज्यादा खाली है। रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक प्राथमिक विद्यालयों में 7.2 लाख और माध्यमिक विद्यालयों में 1.2 लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों पर शिक्षकों के आधे से ज्यादा पद खाली हैं। उधर हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 125 स्कूलों में एक भी स्कूल टीचर ही नहीं हैं। वहीं 2600 ऐसे स्कूल हिमाचल में हैं जहां सिर्फ एक टीचर ही स्कूल चला रहे हैं। 

बिहार में 1,92,097, उत्तर प्रदेश में 1,43,564, झारखंड में 75,726, पश्चिम बंगाल में 53,137 और मध्य प्रदेश में 52,394 प्राथमिक शिक्षक के पद रिक्त हैं। इन राज्यों में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी देखी जा रही है। 

बिहार में 32,929, झारखंड में 21,717, मध्य प्रदेश में 15,145, उत्तर प्रदेश में 7,492 और पश्चिम बंगाल में 7,378 माध्यमिक शिक्षक के पद रिक्त हैं। इन राज्यों में भी माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही है। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश में साल 2024 में सरकारी स्कूलों में 8.4 लाख से अधिक शिक्षक पद खाली हैं, जिनमें से अधिकांश पद प्राथमिक विद्यालयों में हैं।  बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड में प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों पर शिक्षकों के आधे से अधिक पद रिक्त हैं। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 1 लाख 43 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं। पिछले पांच सालों में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या में 82,760 की कमी आई है। कई राज्यों में शिक्षण नौकरियों के लिए 30-50 प्रतिशत तक रिक्तियां हैं, और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी अधिक है।  

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed