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एडटेक और जॉबटेक का मेल प्रशस्त कर रहा एजुकेशन से जॉब तक का मार्ग  

एजुकेशन और एंप्लॉयमेंट के फील्ड में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका मुख्य कारण टेक्नोलॉजिकली एडवांसमेंट और बदलते वर्कफोर्स की डिमांड है। एडटेक (एजुकेशन टेक्नोलॉजी) और जॉबटेक (जॉब टेक्नोलॉजी) का एक साथ आना एक ग्राउंडब्रेकिंग सॉल्यूशन साबित हो रहा है। यह लर्निंग और अर्निंग के बीच की गेप को आसानी से पाट रहा है। यह तालमेल न केवल रोजगार से जुड़ी बड़ी समस्याओं को हल कर रहा है बल्कि ज्यादा समावेशी और फ्यूचर रेडी इकोनॉमी तैयार कर रहा है।  

ट्रेडिशनल एजुकेशन मैथड हमेशा ही वर्तमान जॉब मार्केट की बदलती जरूरतों के साथ चलने में पिछड़ता रहा है। लेकिन एडटेक; कोडिंग, एआई तथा डेटा साइंस जैसे भारी डिमांड वाले सब्जेक्ट में पर्सनल, बेहतर रिजल्ट वाले कोर्स लाकर सीखने की दुनिया को पूरी तरह से बदल रहा है। साथ ही, जॉबटेक प्लेटफॉर्म डिग्रियों के बजाय नॉलेज को प्रायोरिटी देकर नौकरी भर्तियों के तरीकों को नया रूप दे रहे हैं, ताकि छात्र शिक्षा के माध्यम से योग्यता के मुताबिक सही रोजगार पा सकें। एडटेक और जॉबटेक का एक साथ आना एक ऐसा सिस्टम बना रहा है जहां अपस्किलिंग, जॉब मैचिंग एवं करियर गाइडेंस की सुविधाएं एक ही जगह मौजूद होंगी। 

भारत में बहुत बड़ी संख्या में रोजगार की मांग के बावजूद, रोजगार के लिए जरूरी स्किल की कमी के कारण बेरोजगारों की बड़ी आबादी देश के आर्थिक विकास में रोड़ा बन रही है। उद्योग क्षेत्र की ज़रूरतों और वर्कफोर्स की क्षमताओं के बीच का गेप लंबे समय से एक संकट बना हुआ है। एडटेक- जॉबटेक कन्वर्जेंस कौशल-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देकर इस समस्या को हल करने की दिशा में एक अच्छा कदम है जिसका उद्देश्य लोगों को पहले दिन से ही नौकरी के लिए तैयार करना है। 

इसके अलावा, निगमों के साथ रणनीतिक साझेदारी से ऐसे कौशल प्रोग्राम बन पा रहे हैं जो किसी मार्केट की खास जरूरतों को पूरा करते हैं। ये साझेदारियां सुनिश्चित करती हैं कि पासआउट छात्र मुश्किल परिस्थितियों और आधुनिक तकनीकों से लैस वर्कप्लेस में कामयाब होने के लिए पूरी तरह से तैयार हों। 

एडटेक-जॉबटेक कन्वर्जेंस आजीवन सीखने और करियर डिवेलपमेंट की दिशा में जरूरी लगातार बदलाव की शुरुआत कर रहा है। इस सब्जेक्ट में लोगों की पूरी क्षमता को पहचानने के लिए स्टेकहॉल्डर्स को तीन जरूरी चीजों पर ध्यान देना चाहिए-
1. डिजिटल रिसोर्सेज तक लोगों की पहुंच का विस्तार: पिछड़े और ग्रामीण समुदायों के लिए टेक्नोलॉजी और एजुकेशनल प्लेटफार्मों तक समान पहुंच सुनिश्चित करके डिजिटल डिविजन को खत्म करना.
2. आजीवन सीखने की आदत को बढ़ावा देना: लगातार अपने स्किल बढ़ाने के कल्चर का डेवलप करना, ताकि प्रोफेशनल लोग जॉब मार्केट की लगातार बदलती जरूरतों के हिसाब से अपने आपको हमेशा तैयार पाएं.
3. डेटा से मिलने वाली जानकारी का फायदा उठाना: पूर्वानुमान और एआई डेटा की मदद से एजुकेशनल एक्टिविटीज को जॉब मार्केट की लगातार बदलती जरूरतों के साथ जोड़ना.

इन सब्जेक्ट पर ध्यान देकर एडटेक-जॉबटेक का मेल एजुकेशन से जॉब तक की जर्नी में शानदार बदलाव ला सकता है। इसमें पढ़ाई को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से बदलने, नए तरीकों के माध्यम से लोगों के बीच रिसोर्सेज की उपलब्धता को बढ़ावा देने और लोगों तथा बिजनेस को समान रूप से मजबूत बनाने की योग्यता है। 

Asmita Sarkar

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