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NIT राउरकेला के वैज्ञानिकों ने विकसित की औद्योगिक अपशिष्ट जल शुद्ध करने की नई तकनीक

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) राउरकेला के वैज्ञानिकों ने औद्योगिक अपशिष्ट जल (Industrial Waste Water) को साफ करने की एक नई और प्रभावी तकनीक विकसित की है। यह तकनीक खासतौर पर उन जहरीले रंगों को हटाने में मदद करेगी, जो पारंपरिक सफाई प्रक्रियाओं से आसानी से नहीं निकलते।

इस शोध को भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का सहयोग मिला है और इसे प्रतिष्ठित “जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल केमिकल इंजीनियरिंग” में प्रकाशित किया गया है। इस तकनीक के लिए शोधकर्ताओं को पेटेंट भी मिला है।

NIT-राउरकेला के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सुजीत सेन के अनुसार, कपड़ा उद्योग (Textile Industry) और रंग निर्माण (Dye Manufacturing) से निकलने वाले अपशिष्ट जल में हानिकारक रंग होते हैं। इनमें बिस्मार्क ब्राउन आर (Bismarck Brown R) जैसे रंग बहुत छोटे कणों के रूप में होते हैं, जिन्हें पारंपरिक माइक्रोफिल्ट्रेशन झिल्ली (Microfiltration Membranes) से हटाना मुश्किल होता है।

ये जहरीले रंग केवल पानी को गंदा नहीं करते, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं, क्योंकि इनमें कैंसरकारी (Carcinogenic) तत्व हो सकते हैं। अब तक इन जहरीले रंगों को हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीकों में कई सीमाएँ थीं। अल्ट्रावायलेट (Ultraviolet) प्रकाश आधारित तकनीकों से बड़े पैमाने पर अपशिष्ट जल को शुद्ध करना कठिन था, खासकर जब रंग के सूक्ष्म कणों को पानी से अलग करने की बात आती थी।

इन चुनौतियों को दूर करने के लिए NIT-राउरकेला के वैज्ञानिकों ने दो उन्नत तकनीकों को मिलाकर एक नई सफाई प्रणाली विकसित की है:

1. सिरेमिक झिल्ली और विशेष नैनोकम्पोजिट का उपयोग: इस प्रणाली में औद्योगिक कचरे से बनी ज़ियोलाइट (Zeolite) और जिंक ऑक्साइड (Zinc Oxide) का मिश्रण लगाया गया है। जब यह झिल्ली प्रकाश के संपर्क में आती है, तो यह रंगों के अणुओं को तोड़कर उन्हें हानिरहित तत्वों में बदल देती है।

2. माइक्रो बबल टेक्नोलॉजी (Micro Bubble Technology): इस तकनीक में एक साधारण एयर डिफ्यूज़र (Air Diffuser) का उपयोग किया जाता है, जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बनते हैं। ये बुलबुले जल में घुली रंग की अशुद्धियों को बेहतर तरीके से तोड़ने में मदद करते हैं।

शोधकर्ताओं ने इस नई प्रणाली को स्थानीय कपड़ा उद्योग से प्राप्त अपशिष्ट जल पर सफलतापूर्वक परखा है। इस तकनीक के लाभ यह है कि यह प्रणाली पारंपरिक तरीकों से अधिक प्रभावी है और छोटे रंग कणों को भी पूरी तरह हटा सकती है। इसमें किसी हानिकारक रसायन का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे यह प्रकृति के लिए सुरक्षित है।
✔ उद्योगों के लिए उपयोगी: कपड़ा और डाई उद्योगों में इस तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा सकता है।

इस नई खोज से औद्योगिक अपशिष्ट जल को अधिक प्रभावी और किफायती तरीके से शुद्ध करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे न केवल जल प्रदूषण कम होगा, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

Asmita Sarkar

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