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अमेरिकी स्कूलों में यहूदी विरोध पर सख्त कार्रवाई, ट्रंप सरकार की नई नीति पर छिड़ी रार

अमेरिका में 20 जनवरी को नई सरकार के गठन के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने दोबारा सत्ता संभाल ली है। चार साल के अंतराल के बाद वापसी करते ही ट्रंप प्रशासन आक्रामक रुख अपनाए हुए है। हाल ही में उन्होंने कई देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही, साथ ही ब्रिक्स देशों को भी निशाने पर लिया। अब उनका प्रशासन अमेरिकी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में यहूदी विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहा है, जिससे विशेषज्ञों में नई चिंताएं जन्म ले रही हैं।

यहूदी विरोधी मामलों की प्राथमिकता से जांच का आदेश
ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिक अधिकार कार्यालय (OCR) को निर्देश दिया है कि वह यहूदी विरोधी घटनाओं की शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता से करे। शिक्षा विभाग के OCR के कार्यवाहक सहायक सचिव क्रेग ट्रेनर के हवाले से सूत्रों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे पर पिछली बाइडन सरकार की तुलना में अधिक आक्रामक रुख अपनाएगा।

ट्रेनर ने कहा कि बाइडन प्रशासन के दौरान कई यहूदी विरोधी मामलों की अनदेखी की गई, जिससे 100 से अधिक मामलों का समाधान नहीं हो सका। इसी को लेकर ट्रंप ने 7 अक्टूबर, 2023 को इस्राइल पर हमास के हमले के बाद दर्ज किए गए सभी यहूदी विरोधी मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसमें बाइडन प्रशासन के दौरान हल किए गए मामलों की भी फिर से जांच की जाएगी।

ट्रंप का नया आदेश और विशेषज्ञों की चिंता
पिछले सप्ताह ट्रंप ने अमेरिकी स्कूलों में यहूदी विरोध और नस्ल तथा लिंग-भेद फैलाने वाली शिक्षा पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। बुधवार को इस आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप प्रशासन ने कोलंबिया और नॉर्थवेस्टर्न सहित पांच प्रमुख विश्वविद्यालयों में यहूदी विरोधी घटनाओं की जांच शुरू कर दी।

हालांकि, इस फैसले को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि इस आदेश से नस्ल और लिंग भेदभाव को लेकर चल रही अन्य शिकायतों की अनदेखी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की नई प्राथमिकताओं के कारण शिक्षा विभाग के कई दैनिक कार्य फिलहाल रोक दिए गए हैं।

अमेरिका में यहूदी विरोध और बढ़ते विवाद
इस्राइल-हमास युद्ध के बाद अमेरिका के कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों में यहूदी विरोधी घटनाओं में वृद्धि देखी गई थी। कुछ विश्वविद्यालयों में इस्राइल के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी हुए। इसके जवाब में ट्रंप प्रशासन ने शिक्षा संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकेत दिया है।

नए प्रशासन के सख्त रुख के चलते स्कूलों, कॉलेजों और शिकायत दर्ज कराने वालों के साथ बातचीत पर नए प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। ऐसे में, यह देखना अहम होगा कि ट्रंप सरकार की यह नीति शिक्षा क्षेत्र और नागरिक अधिकारों पर किस तरह का प्रभाव डालती है।

Asmita Sarkar

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