
महाराष्ट्र के अकोला जिले के एक उर्दू माध्यम स्कूल के अधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे जिया खान के अचानक विद्यालय दौरे के बाद हुई, जब उन्होंने कुछ महिला शिक्षकों से उत्पीड़न और धमकियों की शिकायतें प्राप्त की थीं।
प्यारे जिया खान ने मंगलवार (11 फरवरी) को पाटुर स्थित स्कूल का दौरा किया, जहां महिला शिक्षकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन उनके वेतन का 20-30 प्रतिशत हिस्सा वसूलता था। खान के दौरे के बाद पाटुर पुलिस स्टेशन में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 74 – महिला पर हमला या अश्लील व्यवहार, धारा 75 – यौन उत्पीड़न, धारा 296 – अश्लील कृत्यऔर धारा 308(2) – उगाही लगाई गयी है। हालांकि, इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे जिया खान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके दौरे के दौरान स्कूल में न तो बच्चे थे और न ही शिक्षक। उन्होंने आरोप लगाया कि दो स्कूल एक ही परिसर में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे थे, और वहां महिला शिक्षकों का उत्पीड़न हो रहा था।
खान ने यह भी दावा किया कि सरकार द्वारा दिए गए धन का सही उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे राज्य में उर्दू स्कूलों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।




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