Edinbox Hindi

पोलैंड में पढ़ाई के लिए भारतीय स्टूडेंट्स को आसानी से मिलेगा वीजा, सरकार ला रही नया IT सिस्टम

भारतीय स्टूडेंट्स और वर्कर्स को पोलैंड का वीजा हासिल करने में अक्सर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण यह है कि बिचौलियों के पास वीजा अप्वाइंटमेंट स्लॉट्स का एकाधिकार होता है, और वे इन्हें ऊंची कीमतों पर बेचते हैं। हालांकि, इस समस्या का हल अब नजदीक है। पोलैंड का विदेश मंत्रालय (MFA) एक नए IT सिस्टम की शुरुआत करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल असली आवेदक ही बिचौलिए के बिना वीजा अप्वाइंटमेंट प्राप्त कर सकें।

पोलिश अखबार Rzeczpospolita के अनुसार, भारत उन प्रमुख देशों में से एक है, जहां इस नए सिस्टम को लागू किया जाएगा। इसके अलावा, फिलीपींस और उज्बेकिस्तान में भी यह सिस्टम लॉन्च किया जाएगा। कई भारतीय वर्कर्स, छात्र और पेशेवरों को पोलिश वीजा के लिए अप्वाइंटमेंट प्राप्त करने में समस्या का सामना करना पड़ा है, क्योंकि बिचौलिए इन स्लॉट्स को बुक करके उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचते हैं। नए सिस्टम के तहत, केवल आवेदक ही अप्वाइंटमेंट शेड्यूल कर सकेंगे, जिससे अनधिकृत एजेंटों का काम रुक जाएगा।

पोलैंड के इस नए सिस्टम में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल स्क्रीनिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। वीजा अप्वाइंटमेंट के लिए फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान जैसे बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग किया जाएगा। इस कदम से अनधिकृत लोग एक साथ कई स्लॉट्स बुक नहीं कर पाएंगे और उनका इन स्लॉट्स को बेचने का तरीका भी बंद हो जाएगा। जल्द ही भारतीय आवेदकों को वीजा अप्वाइंटमेंट का ऑनलाइन शेड्यूल बुक करते समय बायोमेट्रिक स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ सकता है, जिसमें फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान जैसी जानकारी प्रदान करनी होगी।

हालांकि, पोलैंड के MFA की तरफ से अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि नया सिस्टम कब लॉन्च किया जाएगा, लेकिन उम्मीद है कि यह इस साल ही लागू कर दिया जाएगा। पहले चरण का परीक्षण भारत जैसे उच्च-प्रवास क्षेत्रों में किया जाएगा, और फिर इसे अन्य देशों में भी लागू किया जाएगा। जब यह पूरी तरह से लागू हो जाएगा, तो यह पोलैंड के मौजूदा eKonsulat प्लेटफॉर्म और नए कांसुलर e-services प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत हो जाएगा।

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed