
महाराष्ट्र में 21 फरवरी 2025 से कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत हुई, लेकिन पहले ही दिन कथित पेपर लीक मामले ने सरकार के ‘नकल मुक्त अभियान’ को बड़ा झटका दिया। दरअसल, शुक्रवार को कक्षा 10वीं का पहला पेपर भाषा का था। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद यवतमाल और जालना जिलों से मराठी भाषा के पेपर लीक होने की अफवाह ने हलचल मचा दी।
पेपर लीक का मामला कहां से आया?
जालना में एक स्थानीय समाचार चैनल के वीडियो ने ये आरोप लगाया कि जिले के बदनापुर तालुका में स्थित जिला परिषद (ZP) स्कूल परीक्षा केंद्र के पास एक फोटोकॉपी की दुकान पर मराठी भाषा के पेपर की फोटोकॉपी और उत्तर उपलब्ध थे। यह घटना परीक्षा के कुछ घंटों बाद ही सामने आई। वायरल वीडियो में परीक्षा केंद्र के बाहर अफरा-तफरी की स्थिति देखी जा सकती थी।
यवतमाल में भी पेपर लीक की खबरें
वहीं, यवतमाल जिले के महागांव तालुका में भी प्रश्नपत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे हड़कंप मच गया। जैसे ही ये तस्वीरें फैल गईं, स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने महागांव के कोठारी गांव में स्थित एक परीक्षा केंद्र का दौरा किया, जो महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के अमरावती डिवीजन के अंतर्गत आता है।
बोर्ड ने पेपर लीक की खबरों का किया खंडन
पेपर लीक की इन दोनों घटनाओं ने राज्य में छात्रों की चिंताएं बढ़ा दीं। पूरे दिन छात्रों के बीच यह चर्चा रही कि अगर पेपर लीक हुआ है, तो क्या परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जाएगा? छात्रों ने यह मांग भी की कि यदि पेपर लीक हुआ है, तो परीक्षा को दोबारा करवाया जाए। हालांकि, इन अफवाहों के बीच, बोर्ड ने पेपर लीक की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड ने एक लिखित स्पष्टीकरण जारी करते हुए पेपर लीक के दावों को पूरी तरह से नकारा।




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