
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब छात्र रचनात्मक तरीके से पढ़ाई करेंगे। स्कूली बच्चों को नाटक की विधा के माध्यम से कक्षा में पढ़ाया जाएगा, और इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की टीम टीजीटी शिक्षकों को नाटक विधा में प्रशिक्षित करेगी। इस बारे में शिक्षा विभाग के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त निदेशक डॉ. नाहर सिंह ने एक सर्कुलर जारी किया है। इंग्लिश, हिंदी और सोशल साइंस विषयों में रुचि रखने वाले शिक्षकों को दो अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल की शुरुआत 24 फरवरी से होगी। डॉ. नाहर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सीखने और सिखाने के लिए नाटक को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि छात्रों की पढ़ाई को और अधिक दिलचस्प बनाया जा सके। पहली से लेकर कक्षा दसवीं तक के छात्रों को हिंदी, इंग्लिश और सोशल साइंस विषय नाटक के माध्यम से पढ़ाए जाएंगे, जिससे उनकी समझ बेहतर होगी और उनकी सीखने की क्षमता का विकास होगा।
यह पहल पहली बार कक्षा में नाटक के उपयोग के लिए की जा रही है। इसके तहत पहले मास्टर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पहले चरण में 100 शिक्षकों को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और अन्य संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिसके बाद ये प्रशिक्षित शिक्षक अन्य शिक्षकों को नाटक के माध्यम से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। फिर, ये शिक्षक कक्षा में नाटक विधा का उपयोग करके छात्रों को पढ़ाएंगे।




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