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प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 1.90 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। खास बात यह है कि इनमें से 47 आईटीआई में महिला शाखाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि 12 संस्थान पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित हैं, जिससे महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी। सरकार का विजन प्रदेश के युवाओं को सिर्फ पारंपरिक नौकरियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नवाचार और आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाना है। इसी सोच के तहत बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तार देने की योजना बनाई गई है।

योगी सरकार ने बजट 2025-26 में युवाओं को स्वरोजगार और स्किलफुल बनाने के लिए विशेष तैयारी की है। सीएम योगी का लक्ष्य युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत 54,833 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत पिछले छह वर्षों में 15.25 लाख युवाओं को निःशुल्क रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 5.71 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

तकनीकी शिक्षा और रोजगार पर विशेष फोकस 
प्रदेश सरकार का मानना है कि तकनीकी दक्षता ही भविष्य की कुंजी है। इसी दृष्टिकोण से सरकार ने आईटीआई और अप्रेंटिसशिप के माध्यम से युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 2,54,335 युवाओं को उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर में प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। योगी सरकार ने “मेक इन इंडिया” और “स्टार्टअप इंडिया” जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं से तालमेल बैठाते हुए युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप सेक्टर में आगे बढ़ाने के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं। आईटीआई और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में नए कोर्स जोड़ने के साथ-साथ उद्योगों से साझेदारी कर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम
बजट 2025-26 में महिला सशक्तीकरण को भी विशेष स्थान दिया गया है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जहां 12 आईटीआई पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित किए गए हैं, वहीं 47 अन्य आईटीआई में विशेष महिला शाखाएं चलाई जा रही हैं। इन संस्थानों में संचालित कम्प्यूटर आपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेन्ट, ड्रा.मैन सिविल, इनर्फोमेशन टेक्नोलोजी, टेक्निशियन पावर इलेक्ट्रोनिक्स सिस्टम-डीएसटी, कॉस्मेटोलोजी, कॉस्मेटोलोजी-डीएसटी जैसे कोर्स उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे महिलाएं नए और उभरते क्षेत्रों में रोजगार पा सकें। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं को आईटीआई से जोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रही है। इससे प्रशिक्षित महिलाएं खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगी और अन्य महिलाओं को भी रोजगार देने में सक्षम बनेंगी।

Asmita Sarkar

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