
भारत से हर साल लाखों लोग विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए जाते हैं। जिन देशों में अंग्रेजी बोली जाती है, वहां पढ़ाई और नौकरी करना आसान होता है, क्योंकि भारतीयों को शुरू से ही अंग्रेजी सीखने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें अंग्रेजी बोलने या पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होती। हालांकि, कुछ देशों में अंग्रेजी नहीं बोली जाती, जिससे वहां पढ़ाई या नौकरी करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस कारण, विदेशी भाषा सीखना एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन जाती है।
अच्छी बात यह है कि भारत में कई सरकारी विश्वविद्यालय हैं, जो विदेशी भाषाएं सिखाने के अवसर प्रदान करते हैं। विदेशी भाषा सीखने से न केवल विदेश में पढ़ाई और नौकरी के अवसर मिलते हैं, बल्कि इससे एक अच्छा करियर भी बनाने का मौका मिलता है। आइए जानते हैं उन प्रमुख विश्वविद्यालयों के बारे में, जहां से आप विदेशी भाषाएं सीख सकते हैं:
1. दिल्ली यूनिवर्सिटी
दिल्ली यूनिवर्सिटी में मॉर्डन अरबी, पाली, तिब्बती, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, इतालवी और फारसी भाषाओं में सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। इन कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है।
2. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी
वाराणसी स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में फ्रेंच, स्पेनिश, रूसी और चीनी भाषा के ग्रेजुएट, डिप्लोमा और पोस्टग्रेजुएट कोर्स उपलब्ध हैं। 12वीं पास और ग्रेजुएट छात्र इन कोर्सों में एडमिशन ले सकते हैं।
3. गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी
अमृतसर में स्थित गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी में फ्रेंच, चीनी, जर्मन, जापानी और रूसी भाषा में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। एडमिशन के लिए 12वीं पास होना जरूरी है।
4. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी
दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी स्तर पर जर्मन, रूसी, स्पेनिश, जापानी, कोरियन, चीनी जैसी भाषाएं सीखने के अवसर उपलब्ध हैं।
5. CIEFL (हैदराबाद)
हैदराबाद में स्थित CIEFL में फ्रेंच, जर्मन, हिस्पैनिक, इतालवी और रूसी भाषाओं की शिक्षा दी जाती है। यह स्कूल यूरोपीय भाषाओं में विशेष अध्ययन कराता है।
विदेशी भाषा सीखने के लाभ
विदेशी भाषा जानने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको उच्च वेतन वाली नौकरियों का अवसर मिलता है। उदाहरण के लिए, ट्रांसलेटर की सालाना सैलरी 3 से 8 लाख रुपये तक हो सकती है। बाइलिंगुअल कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव की सैलरी 2 से 5 लाख रुपये तक हो सकती है। फॉरेन लैंग्वेज टीचर की सैलरी 2.5 से 7 लाख रुपये सालाना हो सकती है। ट्रैवल एजेंट के तौर पर आप हर साल 2.20 से 5 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। इस प्रकार, विदेशी भाषाओं का ज्ञान न केवल अंतरराष्ट्रीय अवसरों को खोलता है, बल्कि आपके करियर में भी वृद्धि कर सकता है।




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