
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद भगत सिंह नगर में शहीद भगत सिंह सरकारी मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया। 300 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य पंजाब में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। इस कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटें होंगी, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
शहीदों को समर्पित एक ऐतिहासिक पहल
यह मेडिकल कॉलेज केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की अमर शहादत को श्रद्धांजलि देने का एक माध्यम भी है। शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “यह कॉलेज न केवल चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि यह हमारे महान शहीदों के सपनों को साकार करने का प्रतीक होगा।”
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
यह कॉलेज शहीद भगत सिंह नगर के जिला सिविल अस्पताल से जुड़ा होगा, जो फिलहाल उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है। इस पहल से क्षेत्र में विशेषज्ञ और सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
इस परियोजना से पंजाब के डोबा क्षेत्र में तीसरे मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा। इससे पहले होशियारपुर और कपूरथला में मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया गया था। यह कॉलेज अगले 36 महीनों में कार्यशील हो जाएगा, जिससे पंजाब में चिकित्सा शिक्षा को और विस्तार मिलेगा।
शहीदों के सपनों को साकार करने की प्रतिबद्धता
शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री मान ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और गरीबी जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं, जो शहीदों के सपनों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा, “शहीदों ने देश को भ्रष्टाचार और अत्याचार से मुक्त करने के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए थे, लेकिन आज भी हमें इन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार शहीदों की स्मृति को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिसमें मोहाली हवाई अड्डे का नामकरण भगत सिंह के नाम पर किया जाना एक ऐतिहासिक निर्णय है।
बहरहाल, इस मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास पंजाब में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा और साथ ही यह शहीद भगत सिंह के आदर्शों को जीवंत रखने का कार्य करेगा।




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