Edinbox Hindi

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छह माह में तैयार होगी नई आर्चरी रेंज, खेल सुविधाओं को बढ़ाना मकसद

जामिया मिल्लिया इस्लामिया अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए एक नई आर्चरी रेंज बनाने जा रहा है, जो ओलंपिक खेलों के मानकों के अनुसार होगी। इसके लिए जामिया प्रशासन ने कैंपस में रेंज बनाने का मसौदा तैयार किया है। आने वाले समय में, विभिन्न खेलों के लिए अकादमियों की शुरुआत भी की जाएगी।

जामिया के गेम्स एंड स्पोर्ट्स के निदेशक प्रोफेसर नफीस अहमद ने बताया कि वर्तमान में आर्चरी रेंज टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में स्थित है, जो खिलाड़ियों की तैयारी के लिए छोटी है। ओलंपिक स्तर की सुविधाओं के लिए एक नई आर्चरी रेंज बनाने की योजना बनाई गई है। कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने खेल सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाने का निर्देश दिया है। कैंपस में एक जगह चिन्हित की गई है, जहां आर्चरी रेंज तैयार की जाएगी। इसका निर्माण लगभग छह महीने में पूरा होने की संभावना है।

नई रेंज में खिलाड़ियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जामिया के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम ने भी खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरा सहयोग देने का वादा किया है। हाल ही में जामिया के खिलाड़ियों ने दिल्ली स्टेट आर्चरी चैंपियनशिप में रनिंग ट्रॉफी का खिताब जीता था। जामिया प्रशासन का उद्देश्य यह है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं मिल सकें।

निदेशक प्रोफेसर नफीस अहमद ने यह भी जानकारी दी कि जामिया द्वारा संचालित स्कूलों में खेलों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। इस पर भी जामिया प्रशासन योजना तैयार कर रहा है। जामिया स्कूल के कई बच्चे स्नातक स्तर पर दाखिला लेते हैं, और प्रशासन चाहता है कि खिलाड़ियों की प्रतिभा को स्कूल स्तर से ही निखारा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि ईद के बाद जामिया कर्मियों के बच्चों के लिए फुटबॉल, क्रिकेट और बास्केटबॉल अकादमियों की शुरुआत की जाएगी। जामिया प्रशासन का उद्देश्य बच्चों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। वर्तमान में जामिया में दस से ज्यादा खेलों में खिलाड़ियों को दाखिला दिया जाता है, जिसमें हॉकी, बैडमिंटन, टेनिस, कुश्ती, शूटिंग सहित कई अन्य खेल शामिल हैं। इन खेलों के लिए पांच फीसदी सीटें आरक्षित की जाती हैं।

आर्चरी, जिसे तीरंदाजी भी कहा जाता है, एक प्राचीन खेल है जिसमें धनुष से तीर चलाए जाते हैं। आर्चरी में तीन प्रकार के धनुष होते हैं—रिकर्व, कंपाउंड और बेयरबो। एक आर्चर रिकर्व धनुष से 70 मीटर की दूरी से और कंपाउंड धनुष से 50 मीटर की दूरी से निशाना साधता है। ओलंपिक खेलों में आर्चरी की विभिन्न स्पर्धाएं होती हैं, जिनमें पुरुषों और महिलाओं की व्यक्तिगत, टीम स्पर्धाएं और एक मिश्रित टीम स्पर्धा भी शामिल है।

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed