
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के ‘सीएम राइज स्कूलों’ का नाम अब ‘संदीपनी विद्यालय’ रखा जाएगा। यह नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में वर्णित संदीपनी आश्रम से प्रेरित है, जहाँ भगवान कृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की थी। मुख्यमंत्री यादव यह घोषणा राज्य स्तरीय ‘प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025’ के दौरान कर रहे थे, जो राज्य भर के सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित किया गया था।
संदीपनी आश्रम से प्रेरित नामकरण
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “भगवान कृष्ण ने संदीपनी आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी, इसलिए ‘सीएम राइज स्कूलों’ का नाम अब संदीपनी के नाम पर होना चाहिए। अब इन स्कूलों को ‘संदीपनी विद्यालय’ के नाम से जाना जाएगा।” उन्होंने भगवान कृष्ण के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कंस के कुशासन का अंत किया और शिक्षा के महत्व को बताया, जो हमारे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा का महत्व
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वे खुद सरकारी स्कूलों में पढ़े हैं और इस क्षेत्र में कई महान हस्तियां भी रही हैं, जिन्होंने सरकारी स्कूलों से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने उदाहरण के रूप में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम, जो ‘भारत के मिसाइल मैन’ के रूप में प्रसिद्ध हैं, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उल्लेख किया। इन महान व्यक्तित्वों ने भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की थी, जो सरकारी शिक्षा प्रणाली की महत्ता को दर्शाता है।
सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं
मुख्यमंत्री यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रही है। इन सुविधाओं में कोचिंग, स्कूली वर्दी, लैपटॉप, साइकिल और स्कूटर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास कर रहा है, और यह पहल राज्य के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
पोर्टल का शुभारंभ
इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया के लिए राज्य शिक्षा विभाग के एक नए पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से छात्रों और उनके अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया में सहूलियत होगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री यादव ने स्कूल में प्रवेश करने वाली लड़कियों का स्वागत भी किया और केजी-2 कक्षा में उनके प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी कीं, साथ ही उन्हें उपहार भी दिए। इस पहल के जरिए राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।




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