
उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में शैक्षिक सत्र 2025-26 से राष्ट्रीय शैक्षिक व अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की तर्ज पर नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इस निर्णय के तहत, मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को इसी सत्र से कक्षा एक से तीन तक एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में मदरसा शिक्षा परिषद ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब मदरसों में भी बेसिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को अपनाया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि जिस तरह बेसिक शिक्षा विभाग अपने विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर रहा है, उसी प्रकार प्रदेश के मान्यता प्राप्त एवं राज्यानुदानित मदरसों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
शिक्षा में एकरूपता लाने की पहल
मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक शिक्षा में समानता लाना है। इससे मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।
रजिस्ट्रार आर.पी. सिंह ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2023-24 से मदरसों में कक्षा एक से आठ तक एससीईआरटी (SCERT) का पाठ्यक्रम लागू किया गया था। अब उसी तर्ज पर, सरकारी स्कूलों की तरह मदरसों में भी कक्षा एक से तीन तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है।




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