
उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का मूल्यांकन समाप्त हो चुका है, और अब माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षा परिणाम तैयार करने में जुटी है। हालांकि, प्रदेश के 420 स्कूलों ने अभी तक हाईस्कूल के आंतरिक मूल्यांकन के अंक और इंटरमीडिएट के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंक परिषद को नहीं भेजे हैं। इन स्कूलों की लापरवाही यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है, क्योंकि इन अंकों के बिना इन परीक्षार्थियों का परिणाम रुक सकता है।
यूपी बोर्ड की 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का मूल्यांकन 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चला। मूल्यांकन के बाद, माध्यमिक शिक्षा परिषद अब परीक्षा परिणाम तैयार कर रहा है, लेकिन कई स्कूलों की मनमानी परिषद के इस प्रयास को विफल बना रही है।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि 62 जिलों के 420 विद्यालयों ने अभी तक हाईस्कूल के आंतरिक अंकों और इंटरमीडिएट के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंकों को वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है, जिसमें मेरठ जिले के भी चार स्कूल शामिल हैं।
मेरठ क्षेत्रीय सचिव कमलेश कुमार के अनुसार, सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सात अप्रैल तक अंक अपलोड करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद यदि कोई स्कूल अंक अपलोड करने में लापरवाही करता है, तो ऐसे स्कूलों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस लापरवाही के कारण परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण होते हैं, तो स्कूलों के प्रधानाचार्य और संबंधित डीआईओएस पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।




Add comment