
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। राजधानी में स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि के बाद अभिभावकों में नाराजगी साफ देखने को मिल रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को द्वारका स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों के एक समूह ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और हाल ही में लागू की गई फीस वृद्धि का कड़ा विरोध जताया।
स्कूल पर बच्चों को ‘लाइब्रेरी अरेस्ट’ करने का गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाया कि पिछले 25 दिनों से उनके बच्चों को “लाइब्रेरी अरेस्ट” में रखा जा रहा है। एक अभिभावक ने दावा किया कि 20 मार्च से छात्रों को स्कूल के समय के दौरान लाइब्रेरी में ही सीमित कर दिया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर स्कूल प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
एक अभिभावक ने कहा, “बच्चों को शिक्षा के उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। स्कूल प्रशासन पुलिस और प्रशासन दोनों के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है।”
डीएम की जांच और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
पिछले शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच का हवाला देते हुए अभिभावकों ने कहा कि जब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकलता, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली से निकलकर देशभर में फैल सकता है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद की प्रतिक्रिया
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि लगातार बढ़ रही फीस को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसी के चलते एक निरीक्षण दल ने द्वारका के स्कूल का दौरा किया।
सूद ने कहा कि शहर भर के उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों (SDM) को स्कूलों का निरीक्षण कर उनकी फीस नीति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें एक 18 बिंदुओं वाली प्रश्नावली के उत्तर एकत्र करने को भी कहा गया है।
इसके अतिरिक्त, शिक्षा उपनिदेशक और लेखा निदेशक की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। अभिभावकों की शिकायतों को दर्ज करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक समर्पित ईमेल आईडी भी शुरू की है, जिससे अनुचित शुल्क वृद्धि की जानकारी सीधे विभाग तक पहुंच सके।




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