
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर शिक्षा से संबंधित बड़ा विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष, आतिशी ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निजी स्कूलों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कथित सांठ-गांठ का खुलासा किया। आतिशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और निजी स्कूलों के मालिकों के बीच मिलीभगत के कारण माता-पिता और अभिभावकों को धोखा दिया जा रहा है।
आतिशी ने बताया कि रविवार को दिल्ली के कुछ बड़े निजी स्कूलों के मालिकों और शिक्षा मंत्री आशीष सूद के बीच एक गोपनीय बैठक हुई, जिसमें स्कूल मालिकों को यह आश्वासन दिया गया कि सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। इसके अलावा, उन्हें यह भी विश्वास दिलाया गया कि जल्द ही दिल्ली सरकार एक आदेश जारी करेगी, जिससे उन्हें हर साल 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने की खुली छूट मिल जाएगी।
आतिशी ने आरोप लगाया कि इस बैठक के बाद दिल्ली के कई निजी स्कूलों ने अचानक फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी, जिसके कारण अभिभावकों में गहरा आक्रोश पैदा हो गया। कई स्थानों पर इस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले।
आतिशी ने भाजपा की पिछली सरकार को भी निशाना बनाते हुए कहा कि जब भाजपा की सरकार बनी थी, तो निजी स्कूलों में मिठाइयां बांटी गई थीं और चुनाव के दौरान प्राइवेट स्कूल कमेटी के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने खुलकर भाजपा का प्रचार किया था।
आतिशी ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे। पहला, क्या आपके आवास पर निजी स्कूलों के मालिकों के साथ बैठक हुई थी? दूसरा, क्या उन्हें हर साल 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने का अधिकार देने का वादा किया गया है? और तीसरा, इस साजिश में निजी स्कूलों से कितनी राशि ली गई?
आतिशी ने भाजपा और निजी स्कूल लॉबी पर सीधा हमला करते हुए सरकार से तत्काल सफाई देने की मांग की और माता-पिता को राहत प्रदान करने के लिए उचित कार्रवाई करने की अपील की।




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