
देशभर में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आठ राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट और कई अन्य राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके चलते विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव और विशेष एहतियाती उपाय लागू किए हैं।
मध्य प्रदेश: दोपहर से पहले बंद रहेंगे 8वीं तक के स्कूल
भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को दोपहर के बाद संचालन से रोका गया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि गर्मी को देखते हुए छोटे बच्चों को दोपहर की तपती धूप से बचाना जरूरी है।
ओडिशा: सुबह 7 बजे से लगेंगी कक्षाएं
ओडिशा सरकार ने गर्मी को देखते हुए 2 अप्रैल से स्कूलों के समय में बदलाव किया है। राज्य के स्कूल अब सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संचालित होंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों का समय भी बदलकर सुबह 7 से 9 बजे तक कर दिया गया है।
महाराष्ट्र: सुबह 7 से 11:15 बजे तक चलेंगी कक्षाएं
महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने 28 मार्च को आदेश जारी कर सभी स्कूलों को निर्देशित किया कि वे सुबह 7 से 11:15 बजे के बीच ही कक्षाएं संचालित करें। यह नियम सभी स्कूलों पर लागू है, चाहे वे किसी भी बोर्ड या प्रबंधन से संबद्ध हों। साथ ही, स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कक्षाओं में पंखे अच्छी स्थिति में हों, बच्चों को ठंडा पानी मिले और मौसमी फल-सब्जियों को खाने के लिए प्रेरित किया जाए।
तेलंगाना: 24 अप्रैल से 11 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश
तेलंगाना सरकार ने लू के खतरे को ध्यान में रखते हुए 24 अप्रैल से 11 जून तक स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों की घोषणा की है। इससे बच्चों को चिलचिलाती धूप से राहत मिलेगी।
दिल्ली: स्कूलों में हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स और समय में बदलाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने गर्मी से बचाव के लिए न केवल स्कूलों का समय बदला है, बल्कि स्कूलों में अब छात्रों को आम पन्ना, नींबू पानी, छाछ, बेल का शरबत जैसे हाइड्रेटिंग पेय उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सुबह 10 बजे के बाद कोई बाहरी गतिविधि नहीं करवाई जा रही।
इससे पहले 27 मार्च को, शिक्षा विभाग ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी सरकारी और निजी स्कूलों को गर्मी से संबंधित बीमारियों के खिलाफ निवारक उपाय अपनाने का निर्देश देते हुए एक सलाह जारी की थी। सलाह में चेतावनी दी गई थी कि दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाना बच्चों और किशोरों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। शिक्षा निदेशालय ने कई कदमों की रूपरेखा तैयार की है, जिनमें दोपहर की सभाओं से बचना, पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यार्थियों को नियमित रूप से पानी पीने के लिए ब्रेक देना, धूप में निकलने पर सिर की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, पंखे से उचित वेंटिलेशन बनाए रखना तथा गर्मी से संबंधित किसी भी बीमारी की सूचना नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र को देना शामिल है।
IMD का अलर्ट: लू से रहें सतर्क
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, जो खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में राज्यों को तत्काल और प्रभावी उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी की लहर से बचाव के लिए समय रहते उठाए गए ये कदम न केवल छात्रों की सेहत की सुरक्षा करेंगे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मौसम के अनुकूल बनाएंगे। अभिभावकों को भी सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं, हल्के कपड़े पहनाएं और गर्मी से जुड़ी किसी भी परेशानी की अनदेखी न करें।




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