Edinbox Hindi

राग और वाद्ययंत्रों पर आधारित होंगी एनसीईआरटी की नई पाठ्य पुस्तकें, नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 1 से 8 तक की नई पाठ्य पुस्तकों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया है। इन पुस्तकों में न केवल विषय ज्ञान है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराएं, संगीत और मूल्यों का भी समावेश किया गया है। नई किताबों के नाम भारतीय संगीत और वाद्ययंत्रों पर आधारित हैं ताकि बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा सके।

पाठयपुस्तकों की विषय-वस्तु को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत तैयार किया गया है। इसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली, सांस्कृतिक विरासत के तत्व भी शामिल हैं। यह लैगिंग समानता, डिजिटल कौशल और पर्यावरण जैसे मूल्यों की शिक्षा देती है। पहली से पांचवीं कक्षा में भाषा की किताबों के नाम भारतीय वाद्य यंत्रों पर आधारित हैं। जबकि छठीं से आठवीं कक्षा तक की भाषा की किताबों के नाम विभिन्न प्रचलित रागों को दर्शाते हैं। इसका मकसद, स्कूली शिक्षा की पढ़ाई के साथ बच्चों को भारतीय परिपेक्ष्य से जोड़ना है।

फाउंडेशन स्टेज (कक्षा 1-2): वाद्य यंत्रों पर आधारित नाम
हिंदी: सारंगी – उत्तर भारत का शास्त्रीय वाद्य यंत्र
अंग्रेज़ी: मृदंग – कर्नाटक संगीत से जुड़ा दक्षिण भारत का वाद्य
उर्दू: शहनाई – शुभ अवसरों पर बजने वाला लोकप्रिय वाद्य यंत्र

प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5): लोक और शास्त्रीय वाद्य यंत्र
हिंदी: वीणा – तंजावुर (तमिलनाडु) से जुड़ा प्रमुख वाद्य यंत्र
अंग्रेज़ी: संतूर – कश्मीर का लोक वाद्य
उर्दू: सितार – हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का मुख्य वाद्य

मिडिल स्टेज (कक्षा 6-8): भारतीय रागों पर आधारित नाम
हिंदी: मल्हार – वर्षा ऋतु से जुड़ा राग
अंग्रेज़ी: पूर्वी – संध्या के समय गाया जाने वाला राग
उर्दू: ख्याल – हिंदुस्तानी राग पर आधारित
संस्कृत: दीपकम – संगीत सम्राट तानसेन द्वारा गाया गया दीपक राग

पाठ्य पुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना का समावेश
सरकार ने संविधान को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए एनसीईआरटी की सभी नई पुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना और उद्देशिका शामिल की है। अब छात्र जैसे ही पुस्तक खोलेंगे, उन्हें संविधान की प्रस्तावना पढ़ने को मिलेगी – यह एक ऐतिहासिक पहल है।

बच्चों की सुरक्षा: पॉस्को एक्ट और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की सिफारिशों के आधार पर पहली कक्षा से ही बच्चों को गुड और बैड टच, 1098 हेल्पलाइन, और पॉस्को अधिनियम की जानकारी दी जाएगी। शिक्षक और अभिभावक बच्चों से इन विषयों पर संवाद करेंगे।बच्चों को किसी भी परेशानी में 24 घंटे कभी भी 1098 पर कॉल करने की सुविधा के बारे में बताया जाएगा। इससे स्कूलों में बढ़ते यौन शोषण के मामलों के प्रति जागरूकता फैलेगी।

तीसरी शिक्षा नीति में पहली बार भारतीयता के समिश्रिण को तवज्जो
भारत मे अब तक कुल तीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति आई हैं। इसमें पहली शिक्षा नीति 1968, दूसरी 1986 और तीसरी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आई है। यह पहला मौका है कि जब पाठ्य पुस्तकों में भारतीयता का समिश्रिण देखने को मिलेगा। पहली से आठवीं कक्षा तक की भाषा की पाठ्य पुस्तकों में छात्र राष्ट्रीय एकीकरण को समझेंगे। इसमें हर कक्षा में छात्रों को अलग-अलग पाठ्य पुस्तकों में अलग-अलग राज्यों, खानपान, संस्कृति, भाषा,पहनावा, सभ्यता को जानने का मौका मिल रहा है। सर और मैडम की जगह अध्यापक और अध्यापिका होंगे। आम बोलचाल के शब्दों का प्रयोग किया गया है। इससे छात्रों को भारत को समझने का मौका मिलेगा।

चौथी कक्षा में दो लैंग्वेज के साथ मैथ्स, योग और पर्यावरण की पढ़ाई
शैक्षणिक सत्र 2025-26 से चौथी कक्षा में छात्रों को कुल पांच विषयों की पढ़ाई अनिवार्य होगी। दो लैंग्वेज में छात्रों को हिंदी, इंग्लिश या उर्दू में से कोई दो भाषा पढ़नी जरूरी रहेगी। फिजिकल एजुकेशन या योग और ऑर्ट या पर्यावरण एजुकेशन को नए तरीके से जोड़ा गया है। इसके अलावा मैथ्स भी रहेगा। चौथी कक्षा की नई पाठ्य पुस्तकें बृहस्पतिवार को मार्केट और ई-कॉमर्स साइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। इन सभी पाठ्य पुस्तकों में पहले एक विषय पर पाठ होगा। उसके बाद छात्र ने कितना और क्या सीखा, आदि के लिए एक्टिविटी कॉर्नर होंगे। इससे शिक्षक और अभिभावक बेहतर तरीके से मूल्यांकन कर सकेंगे।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed